संत की संगत कभी व्यर्थ नहीं जाती: महामंडलेश्वर
मीणासमाज के वार्षिकोत्सव के तहत बाईपास रोड स्थित मत्स्य भगवान मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हुए महामंडलेश्वर जगदीशपुरी महाराज ने कहा कि व्यक्ति काे अहंकार से मुक्त होकर कथा का श्रवण करना चाहिए। अहंकार काे मिटाने के लिए ज्ञान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कलयुग में लोग काल रूपी सर्प के मूंह में पड़े है। साधु संत की पहचान का अनुसरण करने के लिए महाराज ने प्रवृति निवृति का भेद समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि संत का संग करना कभी भी व्यर्थ नहीं जाता है।
बूंदी। महामंडलेश्वर जगदीश पुरी महाराज।
बूंदी। मत्स्य भगवान मंदिर में श्रीमदभागवत कथा के दौरान मौजूद।