झुंझुनूं में सामान्य से कम बरसात
जिलेसे मानसून लगभग विदा हो चुका है। इस बार जिले में सामान्य से कम बरसात हुई। मानसून ने जिले में दस्तक भी काफी देर से दी थी। जून तो सूखा ही निकला था जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई थी। जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून सक्रिय हुआ और अगस्त में जाकर जून की भरपाई हो सकी। मानसून पीरियड में जिले में औसतन 417 एमएम बरसात होनी चाहिए। इसके मुकाबले 398 एमएम यानि कि 19 मिलीमीटर कम बरसात हुई। उदयपुरवाटी, मलसीसर ब्लॉक जरूर तर रहे। दोनों जगह औसत से अधिक बरसात हुई। सर्वाधिक उदयपुरवाटी में 543 एमएम बरसात दर्ज की गई। हालांकि जुलाई तक उदयपुरवाटी भी औसत बरसात से काफी पिछड़ा हुआ था। जुलाई तक महज 130 एमएम बरसात हुई थी। अगस्त में हुई झमाझम ने इस ब्लॉक को अव्वल बना दिया। दूसरे नंबर पर मलसीसर रहा। वहां 481 मिलीमीटर बरसात इस मानसून सीजन में दर्ज की गई।
झुंझुनूंब्लॉक सर्वाधिक सूखा
जिलेमें झुंझुनूं ब्लॉक में औसत से काफी कम बरसात हुई। सामान्य वर्षा 417 एमएम औसत के मुकाबले इस ब्लॉक में महज 276 एमएम वर्षा नापी गई। पहले मानसून की देरी से दस्तक और उसके बाद सामान्य से कम बरसात का असर फसलों पर पड़ा है।
15अक्टूबर तक गिरदावरी
राजस्वविभाग ने फसल की गिरदावरी शुरू करा दी है। जिले में गिरदावरी का काम 15 सितंबर से शुरू हो चुका है। पटवारी 15 अक्टूबर तक गिरदावरी करेंगे।इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही जिले में सूखे की स्थिति का आंकलन और फसलों में खराबे का मूल्याकन हो पाएगा।
1 जून से 23 सितंबर तक बरसात
झुंझुनूं-276एमएम
मलसीसर-481एमएम
चिड़ावा-336एमएम
खेतड़ी-399एमएम
बुहाना-369एमएम
नवलगढ़-395एमएम
उदयपुरवाटी-543एमएम
झुंझुनूं ब्लॉक में कम बरसात से सूखी चंवला फसल।