चित्तौड़गढ़ | नगर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवकुमार शर्मा ने गुरूवार को एक फैसले में बेटी की हत्या के आरोप में उसकी मां प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए दो हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
प्रकरण के अनुसार सात दिसंबर 2012 को पगारा की भागल निवासी अमरसिंह पुत्र मदनसिंह राजपूत ने निकुंभ थाने पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें अमरसिंह ने बताया कि भैरूलाल सुथार ने उसका पुराना मकान किराए पर लिया था। जहां उसके साथ एक औरत अणछीबाई भी रहती थी। कुछ समय बाद 10-12 साल की बच्ची श्यामू भी उनके साथ रहने लगी। सात सितंबर की शाम वह पुराने मकान पर गया तो बदबू रही थी। दरवाजा खोलकर देखा तो खाट पर बच्ची मरी हुई पड़ी थी, जबकि भैरूलाल अणछीबाई वहां मौजूद नहीं थे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की तो पता चला कि भैरूलाल सुथार मृतका श्यामू का प्राकृतिक पिता नहीं था। अणछीबाई शंभूपुरी गोस्वामी की प|ी होकर विधवा थी। दोनों के बीच प्रेम में रोड़ा बनी बेटी को रास्ते से हटाने की नीयत से उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हथौड़ा, खून सना पत्थर, कपड़े बरामद कर मामला न्यायालय में पेश किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य प्रदर्शित कराए गए। इस मामले में एडीजे शर्मा ने हत्या के आरोपी राजसमंद जिले के अड़किया निवासी भैरूलाल सुथार एवं अणछीबाई प|ी स्व. शंभूपुरी गोस्वामी को दोषी मानते हुए उम्र कैद एवं दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। पैरवी अपर लोक अभियोजक कमलेश श्रीमाली ने की।
चित्तौड़गढ़ | मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मधुसूदन शर्मा ने नगर के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक महिला अधिकारी को गबन के आरोप में तीन साल के कठोर कारावास अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण के अनुसार एसबीआई के तत्कालीन मुख्य शाखा प्रबंधक रमेशचंद्र पुत्र प्रभुदयाल यादव ने 29 सितंबर 2010 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 156 (3) के जरिये कोतवाली थाने में एसबीआई में कार्यरत अधिकारी मधुवन चित्तौड़गढ़ अर्चना प|ी संदीप नायर के खिलाफ अंजू सोलंकी, सोनिया, संदीप नायर खुद के खाते में बैंक खातों में जमा राशि को फर्जी तरीके से ट्रांसफर कर खुद निकाल गबन करने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।
जांच में सामने आया कि अर्चना नायर ने खाता धारकों से नकद राशि विड्राल की। अर्चना ने अंजू सोलंकी के खाते से चार बार अपने पति संदीप नायर के खाते में राशि ट्रांसफर की एक बार अंजू सोलंकी के खाते से सोनिया के खाते में 12 हजार रुपए ट्रांसफर कर वहां से खुद के खाते में ट्रांसफर कर रुपए निकाल लिए।
न्यायालय ने अर्चन नायर को भादसं की धारा 408, 420, 467 एवं 471 के तहत दोषी मानते हुए प्रत्येक धारा में तीन साल का कठोर कारावास तथा प्रत्येक धारा में दो-दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी निर्लेप सक्सेना ने की।