- Hindi News
- धर्म रक्षा से बचेंगे राष्ट्र आैर संस्कृति
धर्म रक्षा से बचेंगे राष्ट्र आैर संस्कृति
विहिप के केंद्रीय मंत्री धर्मनारायण शर्मा ने कहा कि संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा तभी हो सकती है, जब धर्म की रक्षा की जाए। धर्म की रक्षा में जब भी कमजोर हुए, तब-तब देश विदेशियों के हाथों में गया या खंडित हुआ। धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए सजग होना जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री शर्मा शनिवार को यहां किला रोड स्थित श्री सांवलियाजी विश्रांति गृह में विश्व हिंदू परिषद की ओर से स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राजस्थान क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की दो दिवसीय धर्म प्रसार मीटिंग के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि धर्म रक्षा में कमी आई तो विदेशी आक्रांताओं ने कई साल राज किया और धर्मांतरण किया। इसके बाद अंग्रेजों ने भी शासन कर धर्मांतरण किया। आज भी पूर्वोत्तर राज्यों में धर्मांतरण हो रहा है। इसका खामियाजा आज भी देश को भुगतना पड़ रहा है। अध्यक्षता करते हुए संत रमताराम ने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया। राजस्थान क्षेत्रीय सह प्रमुख अशोक उपाध्याय ने बताया कि राजस्थान क्षेत्र प्रमुख गुलाबसिंह, चित्तौड़ प्रांत प्रमुख सत्यनारायण श्रोत्रिय, संत सीतारामदास महाराज, संत सेवारामदास, संत मोहनदास, वैद्य लक्ष्मीनारायण जोशी मंचासीन थे। संचालन प्रांत मंत्री प्रो. जगदीश शर्मा ने किया। सीए सुशील शर्मा समेत राजस्थान के विभिन्न प्रांतों जिलों से आए कार्यकर्ता मौजूद थे।
चित्तौड़गढ़. विहिपके स्वर्ण जयंती के तहत आयोजित कार्यकर्ताओं की धर्म प्रसार मीटिंग में मचासीन अितथि।