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परिवीक्षा काल पूरा, फिर भी वेतन वृद्धि नहीं
मुख्यमंत्रीनिशुल्क दवा योजना के तहत दवा वितरण के लिए राज्यभर में नियुक्त 1322 फार्मासिस्ट दो साल का परीवीक्षा काल संतोषप्रद ढंग से पूरा कर लेने के बाद भी वेतन वृद्वि को तरस रहे हैं। इनमें जिले के 15 से अधिक फार्मासिस्ट शामिल हैं। सेवा नियमों में साफ लिखा है कि स्थायीकरण आदेश जारी नहीं हो तो भी वेतन वृद्धि लाभ देय है, लेकिन अधिकारी खामोश हैं।
राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंस द्वारा 2012 में फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा हुई थी। ऑनलाइन परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट ने स्थायीकरण पर रोक लगा दी थी। इधर, इस भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की सरकारी नौकरी जारी है। इन फार्मासिस्टों ने दो साल का परिवीक्षा काल पूरा कर लिया है। अधिकारियों ने अपने जिलों से इनकी दो साल की सेवाएं संतोषप्रद होने के दस्तावेज अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जयपुर में भिजवा दिए हैं। चित्तौड़ जिले के सरकारी अस्पतालों में नियुक्त 15 से अधिक फार्मासिस्ट ने भी ने गत जुलाई एवं अगस्त में परिवीक्षाकाल पूरा कर लिया है। अब सभी फार्मासिस्ट वेतन वृद्धि लाभ की मांग सेवा नियम 27 बी का हवाला देते हुए कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी कोर्ट द्वारा रोक का हवाला देकर यह लाभ नहीं दे रहे हैं।
आक्रोश
यह है 27 बी नियम में...
राजस्थानसेवा नियम 27 बी (ख) में लिखा है कि कर्मचारी ने परिवीक्षा काल पूर्ण किया हो तो, स्थायीकरण आदेश जारी नहीं होने के बावजूद वेतनवृद्धि का लाभ दिया जा सकता है। बशर्ते सक्षम अधिकारी प्रमाण पत्र जारी करे कि परिवीक्षा काल में कर्मचारी के असंतुष्ट व्यवहार या कार्य के बारे में कोई सूचना उसे प्राप्त नहीं हुई है।
अभीयह मिल रहा...
चित्तौडग़ढ़फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष उमेश चौहान एवं महामंत्री देवेश बंसल ने बताया कि वर्तमान में बतौर स्थायी वेतन 11,100 रुपए ही मिल रहे हैं, जबकि सेवाकाल पूरा होने के बाद करीब 28 हजार रुपए से अधिक मिलने चाहिए। वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिलने से हम आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
गाइड लाइन मांगेंगे
^इनफार्मासिस्ट के स्थायीकरण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। संभवतया इसीलिए इनकी वेतन वृद्धि का लाभ भी रुका हुआ है। जिले में नियुक्त फार्मासिस्टों के संतोषपूर्ण परिवीक्षा सेवा काल की रिपोर्ट विभाग को भेज रखी है। वेतन वृ