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श्रद्धा इतनी कि रास्ते हो गए जाम

7 वर्ष पहले
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नवरात्रके रविवार को जिले के प्रसिद्घ शक्तिपीठों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों को दर्शन के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा। मंदिरों के मुख्य मार्गों पर दिनभर जाम लगते रहे। मंदिर के अंदर बाहर व्यवस्था बनाने में पुलिस बल को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। नवरात्रि के आम दिनों की अपेक्षा दो से तीन गुना भीड़ उमड़ी। शक्तिपीठों पर तथा रास्तों में लंगर भी लगाए गए।

दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर पर तड़के से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। युवाओं के समूह पैदल दर्शन के लिए रहे थे। प्रात:कालीन आरती में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इसी के साथ मंदिर के दर दिनभर दर्शन के लिए कतारें लगी रही। बाहर श्रद्धालुओं के लिए हलुवा, केले फलाहारी सामग्री के लंगर लगाए गए।

बेगूं| जोगणियामाताजी में हर तरफ के रास्तों पर पैदल यात्रियों का तांता है। दर्शन के लिए दिनभर कतारें लगी। मेले में कई धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। सोमवार को रामलीला मैदान पर मुकेश रावल एंड पार्टी भजन प्रस्तुतियां देंगी। दुर्गाष्टमी का महा रात्रि जागरण दो अक्टूबर को होगा। शक्तिपीठ अध्यक्ष भंवरलाल जोशी ने बताया कि जागरण में माताजी के दर्शन रातभर हो सकेंगे। प्रतिदिन शाम पांच से सात बजे तक युवाचार्य ज्ञानानंद तीर्थ द्वारा श्रीमद् देवी भागवत कथा का वाचन किया जा रहा है। इधर, बड़ोदिया महादेव में श्रीराम चरितमानस पाठ चल रहा है। रामायण मंडल के इस आयोजन में मुरलीधर द्वारा संगीतमय पाठ किए जा रहे हैं। अन्नपूर्णा मंदिर कमेटी द्वारा तथा जूनी बेगूं में गरबा किया जा रहा है।

कपासन | मेलेमें रंगमंच पर गवरी नृत्य के दौरान प्रस्तुति देते कलाकार।

यहां रंगमंच पर गवरी नृत्य की प्रस्तुति

कपासन. दशहरामेले के रंगमंच पर शनिवार रात गवरी नृत्य की प्रस्तुति हुई। गवरी नृत्य को देखने के लिए नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे। कलाकारों ने खेतुड़ी, बंजारा, मीणा, डाणी , वरतु काजरी के पात्र का मंचन किया। शंकरिया पात्र ने जमकर गाया भई-भई रे शंकरिया रे धूमक चाल मत-मत चाल मालवो दुरो रे। खेतुड़ी बोहरा पात्र के संवाद ने खूब तालिया बटोरी। बणजारा मीाणा खेल में कलाकारों ने युद्धकौशल का परिचय देते हुए हास्यात्मक संवाद सुनाए। हटिया नामक पात्र ने भाव भंगिमा के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए भोपाओं को ओतराया। थाली मांदल की थाप