1100 कैंडल से की आचार्यश्री की आरती
आचार्यविमल सागरजी महाराज का 99वां जयंती समारोह विभिन्न आयोजन के साथ मनाया गया। 1100 कैंडल जलाकर आचार्यश्री की महाआरती की गई। इसके बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
दिगंबर जैन दशा हुमड़ समाज के विमल युवा मंच के तत्वावधान में रात्रि को सिमंदर चौराहा चौक में मुनि श्री चिन्मय सागरजी महाराज के निर्देशन तथा शिरोमणि प्रतिष्ठाचार्य हंसमुख जैन के सानिध्य में कवि सम्मेलन का आगाज हुआ। कवि सम्मेलन समारोह के मुख्य अतिथि तहसीलदार शांतिलाल जैन एवं अध्यक्षता समाज के श्रेष्ठी करणमल सेठ ने की। विशिष्ट अतिथि पंडित भागचंद जैन पंडित विशाल जैन ने की। भोपाल से आई कवयित्री साबिया असर ने मेरे कंठ बिराजे माता शारदे कविता से शुरुआत की। सूत्रधार रमेश वैरागी ने कवियों का परिचय हास्य पेरोडी गीत के माध्यम से किया। वैरागी ने कवियों को सम्मान देते हुए कहा आप तालियां बजाओगे तो कवि हद से गुजर जाएगा, वरना कवि यहीं पर मर जाएगा।
कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए हास्य कवि नवीन सारथी चित्तौड़गढ़ ने कवि सम्मेलन को हास्य के माध्यम से ऊंचाई तक पहुंचाया। कोटा से आए गीतकार अर्जुन अल्हड़ ने व्यंग्य के माध्यम से अच्छे दिन आएंगे, क्योंकि राजस्थान में विद्यार्थी मित्र शिक्षकों के अच्छे दिन गए, उन्हें 5 हजार रुपए मिलते, वे अब बेरोजगार हो गए।
धरियावद . कविसम्मेलन के दौरान उपस्थित श्रोता (इनसेट) प्रस्तुित देती कवयित्री।
अगले वर्ष मनाएंगे स्वर्ण जयंती
शिरोमणिप्रतिष्ठाचार्य हंसमुख जैन ने आचार्य श्री विमल सागरजी महाराज के जीवन परिचय कराते हुए बताया कि आचार्य श्री का वर्ष 2015 सितम्बर माह में स्वर्ण जयंती समारोह विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारी को लेकर शीघ्र ही राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संगोष्ठी का आयोजन होगा।