सरकारी खर्च की पब्लिक भी करें निगरानी
दुर्गके कारण विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़गढ़ हेरिटेज सिटी है। ऐसे में यह सिटी भी स्मार्ट बने। यहां आने वाला पर्यटक स्वच्छ और विकसित चित्तौड़ की छवि मन में लेकर जाए। इसके लिए नगर परिषद प्रशासन की जिम्मेदारी तो है ही आम नागरिक की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। सिटी को स्मार्ट बनाने का काम अपने घर और मोहल्ले से शुरू होना चाहिए। अपने क्षेत्र में होने वाले सरकारी इनवेस्टमेंट पर खुद लोगों की कमेटी भी मॉनेटरिंग करें।
इसी सोच को लेकर दैनिक भास्कर की ओर से रविवार को मधुवन क्षेत्र के हाथीकुंड मंदिर परिसर में आयोजित रूबरू कार्यक्रम में लोगों ने अपने सुझाव अधिकारियों जनप्रतिनिधियों से साझा किए। प्रबुद्धजनों का मानना था कि लाखों-करोड़ की योजना बिना दूरदर्शिता बनाने से धूमिल हो जाती है। इसलिए योजनाएं भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि योजना की सफलता के लिए खुद में स्मार्टनेस लानी पड़ेगी। कार्यक्रम में नप सभापति गीतादेवी योगी, एसडीएम उत्तमसिंह शेखावत, नगर परिषद उद्यान प्रभारी राजमोहन मेहता, एईएन महेंद्रसिंह हाड़ा, पीएचईडी एईएन सीवी सिंह, एईएन राजेश कुमार, एवीएनएल एईएन राकेश बसवाल समेत पार्षद मोहम्मद युसुफ भैया मौजूद रहे।
^ऐसी योजना बनाई जानी चाहिए कि नालियों एवं नालों का पानी सड़कों पर नहीं भरे। वर्तमान में यह समस्या निम्बाहेड़ा रोड पर बनी है। बंशीलालसुखवाल, वरिष्ठनागरिक
ऐसा हो हमारा पार्षद
^हाथीकुंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। सफाई व्यवस्था के लिए सफाई कर्मचारियों सुपरवाइजर की जोनवाइज नियुक्ति कर हाजिरी लगे। मोक्षधाम की व्यवस्थाओं में और सुधार हो। निम्बाहेड़ा रोड स्थित मधुवन चौराहे पर बस स्टैंड बनाया जाए। देवीलालराठौड़, पूर्वपार्षद
योजनाएं लंबे समय को ध्यान में रखकर बने
^स्मार्टसिटी के लिए योजनाएं तभी सफल होंगी, जब योजनाएं लंबे समय को ध्यान में रखकर बनाई जाएं। योजनाएं केवल बजट बड़ा होने से ही सफल नहीं होतीं। क्षेत्र में स्थित पार्क को विकसित किया जाए। आम नागरिक भी खुद में स्मार्टनेस लाएं। उत्तमसिंहशेखावत, एसडीएम,चित्तौड़गढ़
पेयजलयोजना पूरी होते ही होगा समाधान
^शहरमें पुरानी पाइप लाइनों को बदला जाएगा। अच्छे दबाव से पानी उपलब्ध कराने के लिए रूडीप की ओर से 40 करोड़ रुपए की योजना से घोसुंडा बांध का पानी लाने के लिए काम चल