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चातुर्मास की विहार यात्रा आज

7 वर्ष पहले
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चातुर्मास विदाई नहीं, एक लक्ष्य की पूर्ति : सत्यसाधना

साध्वीसत्यसाधना मसा आदि ढाणा नौ का चातुर्मास गुरुवार को समारोह पूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान गीत, विचार अभिव्यक्ति से माहौल भावपूर्ण हो गया। श्रावक-श्राविकाओं की आंखें नम हो गई।

अंबेश भवन में सुबह सवा नौ बजे शुरू हुआ कार्यक्रम दोपहर करीब एक बजे तक चला। साध्वी सत्य साधना मसा ने कहा कि आज जुदाई विदाई की वेला है। विदाई देना और लेना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन यह विदाई नहीं बल्कि लक्ष्य की पूर्ति है। हम यहां से विजय होकर जा रहे हैं। आज विदाई नहीं विजय दिन हैं। साध्वी ने श्रावक-श्राविकाओं को धन्यवाद देते हुए, अनजाने में हुए गलती के लिए क्षमायाचना की।

साध्वी तन्मय दर्शना ने खुश रहना कपासन वालों हम इस नगरी को छोड़ चले गीत सुनाया तो कइयों की आखें नम हो गई। उनके साथ रहने वाली अर्चना चौधरी ने भी गीत से क्षमायाचना की। जप करने वाले कलश की बोली लगाने वालो का सम्मान नितिन जैन दलौदा ने किया। लक्की ड्रा का लाभ सुरेश सिरोया, गणेश सोमानी, नितिन सावेला परिवार ने लिया। साध्वी ने कंचन देवी बाघमार को आदेश माता स्थान देकर सम्मानित किया। समारोह के बाद चातुर्मास प्रवास के दौरान कलश की शोभायात्रा अंबेश भवन से बैंड बाजों के साथ शुरू होकर मुख्य मार्गो से होते हुए बोली लगाने वाले महेंद्र चंडालिया, जितेंद्र डांगी हस्तीमल डांगी के आवास पर पहुंची। जहां कलश स्थापित किए गए।

मंदिर मार्गी संघ अध्यक्ष शांतिलाल सेठ, प्रभुलाल टेलर, नाथूलाल चंडालिया, बंशीलाल लड्ढा, संघ अध्यक्ष नाथूलाल, सुनिल कोठारी, सोहनलाल चंडालिया, सुंदरलाल, चंद्रप्रकाश सिरोया, अनिल बाघमार, सुनीता सिरोया, अलका सिरोया, आशा सिरोया, डिंपल खाब्या ने सामूहिक क्षमायाचना की। समारोह के अतिथि चित्तौड़गढ़ के नवरतन पटवारी, बड़ौदा के सुभाष डांगी, सुशील चपलोत का स्वागत किया गया। चातुर्मास में अहम भूमिका सेवा के लिए कई लोगों का सम्मान किया गया।

प्रत्येक रविवार होगा 12 घंटे का जाप

चातुर्माससमापन पर साध्वी ने अंबेश भवन में प्रत्येक रविवार को 12 घंटे जाप आयंविल तप चलाने का आग्रह किया, जिसे सभी ने स्वीकार किया।

अाजविहार बाद रामशाला में

साध्वीसत्यसाधना सहित नौ साध्वियां शुक्रवार सुबह सवा नौ बजे अंबेश भवन से विहार कर बस स्टैंड स्थित रामशाला में पहुंचेंगे।

कपासन |चातुर्मास समापन पर