- Hindi News
- प्रेमनगर स्कूल से चोरों का प्रेम 46 दिन में तीसरी बार चोरी
प्रेमनगर स्कूल से चोरों का प्रेम 46 दिन में तीसरी बार चोरी
जिलामुख्यालय पर गांधीनगर सेक्टर एक में पन्नाधाय बस स्टैंड के पास स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल प्रेमनगर के ताले मंगलवार रात फिर टूट गए। चोरों ने सभी कमरों के ताले नकुचे तोड़कर एक कमरे में सोए चौकीदार उसकी प|ी को बाहर से बंद कर दिया। उसके चिल्लाने पर खिड़की में सरिये घुसाकर धमकाया। बीते 46 दिन में यहां तीसरी बार ताले टूटे हैं।
उप्रावि प्रेमनगर के प्रधानाध्यापक देवकीनंदन वैष्णव तथा स्टाफकर्मी बुधवार सुबह स्कूल पहुंचे तो ताले टूटे हुए नजर आए। स्कूल परिसर में ही प|ी के साथ रह रहे चौकीदार शंकरलाल मीणा के कमरे में देखा गया तो वह बाहर से बंद था। उसे बाहर निकाला गया। शंकरलाल मीणा ने बताया कि रात को तीन चोर आए थे, जिनके मुंह पर नकाब बंधा हुआ था। उसके चिल्लाने पर बदमाशों ने खिड़की के वायरगेज में सरिया घुसाते हुए डराया-धमकाया। बदमाशाें ने कुंदा बाहर से लगा दिया। इसके बाद वह चुपचाप सो गया। बदमाशों ने सभी कमरों के तालों के साथ ही एक-दो कमरों के नकुचों को भी काट दिया। चोरों ने प्रधानाध्यापक कक्ष के ताले तोड़कर अंदर गैलरी में बने कमरे में रखी आलमारी का ताला भी तोड़ दिया। सूचना पर कोतवाली थाने से एएसआई शिवसिंह मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। प्रधानाध्यापक देवकीनंदन वैष्णव ने पुलिस को रिपोर्ट दी।
चित्तौड़गढ़ | प्रेमस्कूलमें चोरी के बाद मौका मुआयना करते हुए पुलिसकर्मी।
चोरों के मकसद को लेकर उठे सवाल
स्कूलखुलने पर सामान अस्त-व्यस्त नजर आया तो हजारों रुपए के सामान की चोरी की आशंका हुई। हालांकि काफी देर तक पता नहीं चल पाया कि चोर क्या चुरा ले गए? बाद में सभी सामान रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि चोर पीतल की घंटी चुरा ले गए। छत का एक नया पंखा पैक रखा था, जिसे चोरों ने हाथ तक नहीं लगाया। चोरों द्वारा इतनी मशक्कत के बावजूद घंटी ही क्यों चुराई।
पहलेदो बार चुराया हजारों का सामान
इसीस्कूल में गत 28 अक्टूबर इससे बाद 15 नवंबर को चोरों ने ताले तोड़कर स्टील के बर्तन, पोषाहार सामग्री समेत अन्य सामग्री चुरा ली थी। 15 नवंबर को हुई चोरी के दौरान भी चोरों ने इसी चौकीदार शंकरलाल मीणा को कमरे में बंद कर दिया था। इन दोनों चोरियों का भी खुलासा नहीं हो पाया। प्रधानाध्यापक वैष्णव ने एसपी के नाम ज्ञापन देकर जल्द कार्रवाई की मांग की।