लैब टेक्नीशियन आज से हड़ताल पर
मुख्यमंत्रीनिशुल्क जांच योजना में एनजीओ के मार्फत कार्यरत लैब टेक्नीशियन सोमवार से हड़ताल पर जाएंगे। इधर, चिकित्सा विभाग के अधिकारी हड़ताल टालने के प्रयास में जुट गए हैं।
लैब टेक्नीशियन जिला कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने बताया कि अखिल राजस्थान मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में एनजीओ के मार्फत कार्यरत 60 से अधिक टेक्नीशियन हड़ताल पर जाएंगे। सोमवार को सभी लैब टेक्नीशियन कलेक्ट्रेट पर धरना देकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि जांच योजना में लगे लैब टेक्नीशियन को लेबर एक्ट के अनुसार मानदेय भुगतान नहीं किया जा रहा है। मुख्यतया इसी मांग के संबंध में हड़ताल कर रहे हैं। इधर इस हड़ताल की घोषणा से चिकित्सा विभाग के अधिकारी चिंतित भी हैं। सीएमएचओ डॉ. संजीव कुमार टांक ने बताया कि संघ से वार्ता कर हड़ताल नहीं करने के लिए कहा जा रहा है। पीएमओ डॉ. मधुप बक्षी ने बताया कि हड़ताल के संबंध में अभी कोई सूचना नहीं है। यदि एनजीओ के लैब टेक्नीशियन हड़ताल पर गए तो परमानेंट लैब टेक्नीशियन से काम चलाएंगे। जांच योजना को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
कार्यकारिणीका गठन: मुख्यमंत्रीनिशुल्क जांच योजना कर्मचारी संघ जिला कार्यकारिणी का गठन हुआ। अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष राजेश खटीक, महासचिव रोहित शर्मा, कोषाध्यक्ष रतनसिंह, प्रचार-प्रसार मंत्री इंद्रेश धाकड़ को मनोनीत किया गया। खुशबू ब्यावट , साइना परवीन, प्रेमप्रकाश शर्मा, हर्षल निगम ने विचार व्यक्त किए। वेतन विसंगतियों पर चर्चा करते हुए बताया कि पूर्व में सभी कर्मचारियों को साढ़े पांच हजार रुपए मासिक मिलते थे। इस वित्तीय वर्ष में 4800 प्रतिमाह तय किया, जिसका भुगतान भी अभी तक नहीं हुआ है।
सबसे अधिक प्रभाव जिला मुख्यालय पर ही
लैबटेक्नीशियन हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव जिला मुख्यालय के श्रीसांवलियाजी एवं महिला अस्पताल में ही पड़ेगा। इन दोनों अस्पतालों में प्रतिदिन करीब 500 मरीजों की विविध तरह की जांचें होती है। जबकि इन दोनों जगह परमानेंट यानी सरकारी लैब टेक्नीशियन की संख्या चार-पांच ही है। ऐसे में निशुल्क जांच योजना प्रभावित होगी। जिला अस्पताल में 56 प्रकार की जांचें निशुल्क की जा रही है।