हज के लिए 48 लोगों का काफिला रवाना
जोसच्चे मन से दुआ करता है, जिनकी दुआएं कबूल होती है वहीं खाना-ए-काबा की जियारत को जाते है।
यह बात सावा में पर्यावरण प्रेमी मोहम्मद शेर खान ने 48 हजयात्रियों की रवानागी से पूर्व ख्वाजा बाग में मदरसा तमन्ना तालीम के 16 वें जश्न पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने हज जाने वालों से कहा कि जब मक्का-मदीने पर नजर पड़े तब सबसे पहले अपने देश में अमन, मोहब्बत, भाईचारा तथा उनके वालिद मरहूम गुलबाज खान के हक में दुआ करें। उन्होंने मदरसों के बच्चों से सवाल-जवाब किए। सही जवाब देने वालों को कुरआन शरीफ नकद राशि देकर सम्मानित किया। जबलपुर से आए मौलाना कौसर रब्बानी, पूर्व मंत्री फजले हक ने नूरानी तकरीर की। दोपहर तीन बजे सलीम कुका की कयादत में हज यात्रियों के काफिले को झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रियों ने चित्तौड़गढ़ पहुंचकर काजी चलफिर शाह दरगाह में जियारत की और इसके बाद जयपुर के लिए रवाना हुए। कार्यक्रम में पूर्व सरपंच उस्मान खान, रशीद शेख, शहर काजी हाजी अब्दुल मुस्तफा, मौलाना सलीम अशरफी, मौलाना रहबर नाजिम, कारी अता उल मुस्तफा, चित्तौड़गढ़ अंजुमन सदर हाजी अब्दुल गनी शेख, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के एमडी शेख, आबिद शेख, मोहम्मद सिद्दीक नूरी सहित समाजजन उपस्थित थे।
720आवेदन आए थे, 48 का चयन हुआ: कार्यक्रमके बाद मोहम्मद शेर खान ने बताया कि उनकी ओर से प्रतिवर्ष 151 यात्रियों को हज पर भेजने का लक्ष्य निर्धारित है। इस साल देशभर से 720 आवेदन आए थे। चयन प्रक्रिया के लिए तयशुदा नियम पर खरा उतरने वालों का ही चयन किया जाता है। उसके बाद लॉटरी निकाली जाती है। इस बार सिर्फ 48 लोग चयनित हुए। जिले से प्रतिवर्ष सात लोगों का चयन किया जाता है। इस बार 100 लोगों को उमराह पर भी भेजा जाएगा।
कन्नौज |हज यात्रियों के काफिले को झंडी दिखाकर रवाना करते मोहम्मद शेर खान, शहर काजी अन्य।