टूटी सड़कें, बिफरे विधायक
कपासन चौराहा से मानपुरा मार्ग का प्रोजेक्ट बनेगा
सरकारआपके द्वारा कार्यक्रम में प्राप्त परिवेदनाओं के निस्तारण की समीक्षा लिए बुधवार को हुई मीटिंग काफी देर तक जिले में बदहाल सड़कों पर जनप्रतिनिधियों के आक्रोश पर केंद्रित हो गई। विधायक निर्माण के बाद सड़कों के फिर टूट जाने पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को आडे हाथों लेने से पीछे नहीं रहे।
जिला प्रभारी सचिव नवीन महाजन की अध्यक्षता कलेक्टर वेदप्रकाश सहित जिला अधिकारियों की मौजूदगी में हुई मीटिंग में सड़कों पर चर्चा में ही दो घंटे पूरे हो गए। गौरव पथ निर्माण के संबंध में चित्तौडगढ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने सवाल उठाया कि इसमें सड़क एक किमी बननी चाहिए तो फिर इससे कम क्यों बन रही है। निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि राशि तय होने के कारण भी निर्माण में परेशानी रही है। अधिकारी नई सड़कें बनाने के प्रस्ताव की बात करते हैं, लेकिन गारंटी पिरियड में सड़कें टूट गई तो ठेकेदार से वापस क्यों नहीं बनवा रहे हैं।
कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने गौरव पथ निर्माण की डिजाइन पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि ये पथ बिना पीसीसी के बन रहे हैं। जिला प्रभारी नवीन महाजन ने अधिकारियों से पूछा कि बिना पीसीसी सड़क कैसे बनेगी। सांसद सीपी जोशी ने कहा कि एईएन, जेईएन की टीम पहले ही ड्राइंग सही क्यों नहीं बनाती है।
विधायक कृपलानी ने कहा कि बड़ीसादड़ी-छोटीसादड़ी सड़क तीन माह में टूट गई। महाजन ने अधिकारियों से टेंडर नियमों की जानकारी लेते हुए पूछा कि अगर सड़क टूट गई तो ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। महाजन ने एसई को निर्देश दिए कि वे एमपी के चीफ इंजीनियर से मिलकर इस संबंध में रिपोर्ट बनाए। साथ ही विधायकों से भी चर्चा कर प्रस्ताव प्राप्त करें।
‘मेरी विधानसभा में नहीं जाना चाहते अधिकारी’
कपासनविधायक अर्जुनलाल जीनगर ने कहा कि राशमी क्षेत्र में सड़कें इतनी खराब है कि उधर कोई अधिकारी नहीं जाना चाहता। सड़कों पर डामर ही नहीं है। हालांकि कलेक्टर वेदप्रकाश ने इस बात को गलत बताते कहा कि वे खुद और अन्य अधिकारी उस क्षेत्र में विजिट कर चुके हैं। विधायक सुरेश धाकड़ ने कहा कि मध्यप्रदेश की तरह सड़कों को निर्माण होना चाहिए। कम रेट पर टेंडर देंगे तो काम कैसे सही होगा। उन्होंने कहा कि काटूंदा मोड से पीपीपी माडल पर बन रही सड़क को एमपी की 25 किमी सड़क से जोड़ते हुए बनाई जाए तो फायदा होगा। आज आरएपीपी में कोई घटना हो जाए तो अधिकारी समय पर वहां नहीं पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि एमपी की ओर से 25 किमी सड़क निर्माण की जिम्मेदारी वे लेते हैं।
चित्तौड़गढ़ | समीक्षामीटिंग में उपस्थित जिला प्रभारी सचिव महाजन, कलेक्टर, एसपी, सांसद जिले के विधायक।
और बढ़ाओ बांध की ऊंचाई
बेगूंविधायक सुरेश धाकड़ ने घोसुंडा बांध की क्षमता का पूरा उपयोग करने के लिए बांध की ऊंचाई तय करने का प्रस्ताव रखा तो अधिकारियों ने इससे डूब क्षेत्र का एरिया बढऩे, खासकर उदयपुर-चित्तौड़ फाेरलेन सड़क के डूब में आने की अड़चन बताई। धाकड़ ने कहा कि इसके लिए सात किमी बाईपास बनाना पड़ेगा।