ढाई साल बाद होगी चर्चा
नगरपरिषद के नवनिर्वाचित बोर्ड की पहली मीटिंग गुरुवार दोपहर तीन बजे से होगी। सभापति सुशील शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली बोर्ड मीटिंग में आगामी वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए करोड़ों रुपए के बजट की स्वीकृति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। लगभग ढाई साल के लंबे अंतराल के बाद शहर के विकास से जुड़े प्रस्ताव बोर्ड के सदस्यों के समक्ष बहस विचार-विमर्श के बाद पारित होने जा रहे हैं।
सितंबर 2012 के बाद नगर परिषद बोर्ड की मीटिंग अब गुरुवार को होने जा रही है। यानी पिछले ढाई साल में अब तक एक भी बोर्ड मीटिंग नहीं हुई। इस बीच चुनाव होने से बोर्ड ही बदल गया।
पिछले कांग्रेस समर्थित बोर्ड के मीटिंग नहीं बुलाने को लेकर कई बार विपक्षी भाजपा पार्षदों द्वारा विराेध जताया गया था। राज्य सरकार को भी शिकायतें भेजी गई थी। बताया गया कि इस अवधि में दो बार वित्तीय वर्ष 2013-14 तथा वर्ष 2014-15 के बजट भी राज्य सरकार को भेजने के बाद बजट प्रस्तावों की स्वीकृति करवाई गई। नए बोर्ड के गठन के बाद पहली बार हो रही मीटिंग में सदस्यों का परिचय भी होगा।
बोर्ड मीटिंग में इन पर होगा विचार-विमर्श
1.वित्तीय वर्ष 2014-15 के संशोधित बजट की स्वीकृति
2. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवासीय योजना के क्रियान्वयन
3. ठोस कचरा प्रबंधन के तहत घर-घर कचरा संग्रहण योजना
4. विभिन्न वार्डों में कराए जाने वाले निर्माण कार्यों एवं निविदाओं की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति
5. शहर की साफ-सफाई, रोशनी व्यवस्था आदि के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की स्वीकृति
6. परिषद के विभिन्न अनुभागों में वर्ष 2015-16 में वार्षिक अनुबंध पर कराए जाने वाले कार्यों की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति
यहहै बोर्ड मीटिंग बुलाने का नियम
बतायागया कि स्थानीय निकाय के बोर्ड की हर दो महीने या साल में कम से कम छह मीटिंग होना आवश्यक है।
^बोर्ड मीटिंग में आगामी वित्तीय वर्ष 2015-16 बजट पर चर्चा के साथ ही विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर प्रस्ताव लिए जाएंगे। मीटिंग के संबंध में सभी पार्षदों को लिखित सूचना भिजवा दी गई है। महावीरसिंहसिसोदिया, आयुक्त, नगर परिषद चित्तौड़गढ़