- Hindi News
- हैरिटेज सिटी के लिए तो और भी जरूरी स्मार्ट सिटी
हैरिटेज सिटी के लिए तो और भी जरूरी स्मार्ट सिटी
हमारादुर्ग विश्व प्रसिद्ध तो था ही, अब बाकायदा वर्ल्ड हेरिटेज सूची में भी शामिल है। ऐसे में इस शहर के लिए स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करना और भी ज्यादा जरूरी है। इसके लिए दुर्ग के साथ पूरे दुर्ग मार्ग उसकी तलहटी में ही बसे गांधीनगर को स्मार्ट बनाने के लिए शहर की आने वाली सरकार से खास अपेक्षाएं है। इसके साथ ही दुर्ग सहित इसके ठीक नीचे रहने वाले वाशिंदों को और जागरूक नागरिक कर्तव्य का निर्वहन करना होगा, ताकि यहां आने वाला पर्यटक शहर की एक अच्छी छवि लेकर जाएं।
दैनिक भास्कर के स्मार्ट सिटी-स्मार्ट वार्ड अभियान का चौथा पड़ाव बुधवार को गांधीनगर स्थित अग्रवाल मांगलिक भवन में था। जहां गांधीनगर के अलावा दुर्ग किला रोड, उपरला पाड़ा क्षेत्र के नागरिकों ने अपने सुझाव साझा किए और यह मत प्रमुखता से उभरकर सामने आया। नगर परिषद सभापति गीतादेवी योगी, आयुक्त यूआईटी सचिव मगनलाल योगी, नगर परिषद एक्सईएन प्रदीप गर्ग, जेईएन खुशबू चावला, अजमेर विद्युत वितरण निगम के एईएन राकेश बसवाल, पीएचईडी जेईएन अंजना चौहान तथा पार्षद लादूराम लौहार, द्रौपदी सोनी, स्नेहलता छीपा, दुर्गा मीणा, मनोनीत पार्षद छीतरमल टेलर, पार्षद प्रतिनिधि बालमुकुंद मालीवाल सावन छीपा भी मौजूद थे।
^घर के बाहर नाली तक गिटटी सड़कें बन जाने से पौधरोपण नहीं हो पाता। पौधों के लिए जगह छोड़ी जाए। भोज कार्यक्रम के बाद शादी समारोह स्थलों के बाहर फेंके जाने वाली गंदगी पर लगाम के लिए शहर में ठोस नीति, निर्णय की जरूरत है। तभी स्वच्छता नजर आएगी। गंदगी के कारण आवारा मवेशी मंडराते हैं। दिव्याजैन, पर्यावरणमित्र गांधीनगर
चित्तौड़गढ़ | स्मार्टसिटी-स्मार्ट वार्ड अभियान के तहत बुधवार को गांधीनगर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित नागिरक।
^गांधीनगर काफी बड़ा क्षेत्र है। हर गली के नंबर निर्धारित कर मेन रोड पर संकेतक लगाए जाएं, ताकि किसी का मकान ढूंढने में अधिक परेशानी नहीं हो। साथ में वार्ड नंबर, पार्षद का नाम मोबाइल नंबर भी अंकित हो। डिस्पेंसरी में महिला चिकित्सक भी नियुक्त हो। मदनलालसोमानी, वरिष्ठनागिरक
^ऐतिहासिक दृष्टि से दुर्ग का विशेष महत्व है, लेकिन वहां आपराधिक घटनाएं बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए दुर्ग पर सीसीटीवी कैमरे जगह-जगह पर लगाए जाए। पुलिस की भी पर्याप्त व्यवस्था हो। पाडनपोल पर पर्यटन स्वागत केंद्र बनाया जाएं। शंभुला