संत कृष्णानंद कोलंबो में सम्मानित
विश्वमित्र जन सेवा समिति आनंदम ध्यान केंद्र पुष्कर के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संत श्रीकृष्णानंद महाराज को ओपन इंटरनेशनल युनिवर्सिटी कोलंबो में असाध्य निर्धन कन्याओं, शिक्षा, समग्र विकास, पीड़ित मानवों की सेवा एवं वैकल्पिक चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉक्ट्रेट की उपाधी प्रदान की गई। यहां नगर में गुरुवार को अल्प प्रवास के दौरान संत का स्वागत किया गया।
किला रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान संत श्रीकृष्णानंद ने बताया कि ओपन इंटरनेशनल युनिवर्सिटी कोलंबो के 52वें दीक्षांत समारोह में यह उपाधी प्रदान की गई। वहां समारोह में देश की 15 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। राजस्थान से केवल उनका ही नाम शामिल था।
समारोह में 70 देशों की प्रतिभाएं शामिल हुई थीं। उन्होंने बताया कि उपाधी के साथ एक लाख 51 हजार रुपए भी पुरस्कार स्वरूप दिए गए। एक सवाल के जवाब में संत ने बताया कि उक्त युनिवर्सिटी द्वारा उक्त उपाधी पूर्व में मदर टेरेसा तथा श्रीश्री रविशंकर को दी गई है। कार्यक्रम में नगर सभापति सुशील शर्मा पहुंचे तथा संत का आशीर्वाद लिया। भाजपा की लीला कलंत्री, पार्षद भरत डंग, डॉ. आरएस मंत्री मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि संत श्रीकृष्णानंद को इससे पहले कुछ समय पहले नेपाल में फ्रेंडशिप अवार्ड, अंतरराष्ट्रीय सम्मान शिक्षा महर्षि सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
सम्मान पत्र के साथ संत कृष्णानंद।
यह सीखने को मिला
संतश्रीकृष्णानंद ने बताया कि श्रीलंका गरीब देश है लेकिन, कोलंबो में स्वच्छता एवं परिवहन व्यवस्था बहुत अच्छी देखने को मिली। इसी कारण भारत की तुलना में वहां कई गुना दुर्घटनाएं कम होती हैं। उन्होंने कहा कि मेरा यहां के वाहन चालकों से अनुरोध है कि वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। प्रत्येक व्यक्ति अपने एवं आसपास साफ-सफाई रखे ताकि चित्तौड़ नगर आदर्श नगर बने।