बिजली निगम के लिए काम करने वाले आईटीआई पास छात्रों को भुगतान नहीं
राजस्थान डिस्कॉम की ओर से फील्ड में अनुबंध पर बेरोजगार आईटीआई डिप्लोमाधारी लगे हुए हैं। इनसे बिजली कर्मचारियों के साथ फील्ड में मीटर बदलने, कनेक्शन काटने जोड़ने, पैट्रोलिंग, सर्वे समेत कई तरह के काम ठेकेदार के माध्यम से कराए थे। जयपुर विद्युत वितरण निगम ने राजस्थान डिस्कॉम के निर्देश पर सितम्बर 2014 में इन युवाओं ने 50 रुपए देकर आवेदन किया था।
आवेदन दस्तावेजों को जांचने के बाद उनसे प्रति युवक 5-5 हजार रुपए लेकर निगम ने आईटीआई डिप्लोमाधारियों के रजिस्ट्रेशन किए। डिप्लोमाधारियों के रजिस्ट्रेशन करवाने के महीनों बाद युवाओं को जून-जुलाई 2015 में काम भी कराया गया। इन युवाओं ने फील्ड में पोलों का सर्वे, मीटर बदलना, फाल्ट ठीक करना आदि सहित कई प्रकार के काम करने के बाद अब निगम कई माह से इन युवाओं को काम भी नहीं दे रहा है और भुगतान भी। ये युवा रोज राशि के लिए निगम के कार्यालयों अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। जब इस संबंध में निगम के एक्सईएन एईएन, जेईएन से बात की गई तो उन्होंने बिल बनाने फील्डों में काम होने अपनी जिम्मेदारी होने का हवाला देकर अनुबंधकर्मियों उच्चाधिकािरयों से बात करने का नाम लेकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। जब निगम के अधिकारियों के अनुसार फील्डों में कार्य ही नहीं था तो एक-एक उपभोक्ता से 5-5 हजार रुपए वसूल कर उनके रजिस्ट्रेशन करने की क्या जरूरत थी। हजारों रुपए देकर रजिस्ट्रेशन करवा चुके अशोक कुमार, अजय कुमार, दिनेश, पवन, मुकेश, राकेश आदि ने बताया कि जुलाई 2014 में राज्य सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति में आईटीआई डीप्लोमाधारियों के 5-5 हजार रुपए लेकर उनका रजिस्ट्रेशन कर फील्डों में मीटर बदलने, कनेक्शन काटने, पैट्रोलिंग, सर्वे समेत कई तरह के काम ठेकेदारों के जरिए करवाने के निर्देश दिए गए थे। इसे लेकर उनके परिवार के पालन पोषण में विकट समस्या पनप गई। ऐसे में इन बेरोजगार अभ्यर्थियों को पगार के लिए 10-15 बार चक्कर काटने के बाद भी भुगतान नहीं मिल रहा है। अभ्यर्थियों ने बताया कि चौमू निगम के एईएन अनिल कुमार गढ़वाल एक्सईएन लोकेश कुमार जैन के कार्यालय एक माह में 10-15 बार चक्कर कटवाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। अभ्यर्थियों को एक चक्कर में 100-150 रुपए खर्च हो रहे हैं। इससे ये अभ्यर्थी अधिकारियों के काम के लिए चक्कर काटकर मानसिक तनाव में चुके हैं।
उच्चाधिकािरयोंसे बात करो
चौमूएईएन अनिल कुमार गढ़वाल ने बताया कि जो रजिस्टर्ड आईटीआई होल्डरों ने काम किया है, उनका बिल बनाकर हमने आगे भेज दिया है। मार्च तक बिल बनेगा, उसी समय भुगतान मिलेगा। रजिस्ट्रेशन करवाने भुगतान कैसे मिलेगा, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
एईएनसे पता करता हूं
अधिशासीअभियंता लोकेश कुमार जैन ने बताया कि भुगतान जिनको नहीं मिला है, वे अभ्यर्थी कार्यालय में आकर संपर्क करें। उन्होंने एईएन को बिल बनाने के } लिए बोल दिया था, अभी तक भुगतान क्यूं नहीं मिला पता करता हूं।
एक्सईएनसे जानकारी लूंगा
चौमूउपखंड अधिकारी अशोक कुमार चौधरी ने बताया कि रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद काम मिलना काम करने के बाद उनकी मजदूरी मिलना गलत है। मैं सोमवार को इस संबंध में निगम के उच्चाधिकािरयों से बात करूंगा।