मुआवजे पर सहमति, 36 घंटे बाद उठाए शव
शनिवारको राष्ट्रीय राजमार्ग 15 पर सांसियों का तला के पास हुए दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौत के 36 घंटे बाद दोनों मृतकों के पीड़ित परिवारों को 6-6 लाख रुपए मुआवजा देने पर सहमति बन गई। तेल क्षेत्र में काम करने वाली एक कंपनी की निजी गाड़ी से शनिवार को सांसियों का तला के पास हादसा हुआ था। हादसे के बाद से मृतकों के परिजनों और ग्रामवासियों ने शनिवार को लाशों के साथ सड़क धरना दिया और प्रदर्शन किया। रविवार को केयर्न इंडिया के चौहटन रोड स्थित ऑफिस के सामने धरना देकर बैठ गए।
इस बीच वार्ताओं के कई दौर चले, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने सोमवार को तेल उत्पादन क्षेत्र मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल (एमपीटी) को बंद करने की चेतावनी दी थी। देर शाम बायतु विधायक कैलाश चौधरी के प्रयासों से पीड़ित पक्ष कंपनी के लोगों के बीच हुई बातचीत में मुआवजे की मांग पर सहमति बन गई।
शनिवार को सुबह आठ बजे सांसियों का तला के पास मोटरसाइकिल पर बाड़मेर की तरफ रहे दो युवकों को तेल खोज में काम आने वाली एक ड्रिलिंग मशीन वाली ट्रेलर ने टक्कर मार दी थी। इसमें कुर्जा निवासी मुकनाराम पुत्र रामाराम जाट खेताराम पुत्र देदाराम भील की मौके पर मौत हो गई थी। हादसे के बाद लोगों ने हाइवे पर ही शव को रखकर प्रदर्शन किया था। इस बीच बायतु विधायक कैलाश चौधरी और समाजसेवी तन सिंह चौहान सहित पुलिस के अधिकारियों ने समझाने के प्रयास किए लेकिन नतीजा नहीं निकला। अंत में शनिवार की रात आठ बजे पुलिस ने सड़क पर पड़ शवों को उठाकर मोर्चरी में पहुंचाया।
बाड़मेर. केयर्न एनर्जी ऑफिस के बाहर धरना लगाकर के बैठे पीड़ित परिवार के लोग।
बाड़मेर. मोर्चरी से शवों को उठाकर गाड़ी से ले जाते हुए।
बाड़मेर. देर रात धरनार्थियों से समझाइश करते बायतु विधायक कैलाश चौधरी।
केयर्न ऑफिस के बाहर धरना
दी थी एमपीटी नागाणा बंद की चेतावनी
पुलिस ने ली राहत की सांस
बदबू देने लगे शव
6-6 लाख मुआवजा और नौकरी