हाइवे बाइपास के लिए बाड़मेर बंद सफल
कलेक्ट्रेट के बाहर एकत्रित लोगों को संबोधित करते हुए मोहनसिंह भंवरिया ने कहा कि शहर के बीचों-बीच राजमार्ग 15 को निकाला जा रहा है, इससे भविष्य के लिए परिणाम विकट होंगे। सिणधरी चौराहे पर फ्लाई ओवर, रेलवे क्रॉसिंग सर्किट हाउस के बाहर आरओबी निर्माण से आमजन को भारी परेशानी होगी। इतना ही नहीं राजमार्ग 15, राजमार्ग 112 325 को शहर के अंदर मिलाए जाने से भविष्य में शहरवासियों के लिए प्रदूषण ट्रेफिक की समस्या बढ़ जाएगी। बाड़मेर आगोर उप सरपंच बालम सिंह ने कहा कि शहर के बीच से हाइवे के निकलने से दुष्परिणाम होंगे। बार-बार दुर्घटनाओं हो रही है, इस ओर सरकार काे ध्यान देना चाहिए। रामचन्द्र खीचड ने बताया कि अगर उतरलाई जैसे छोटे कस्बे और राजवेस्ट कंपनी को बाइपास दिया जा रहा हैं तो 2 लाख की आबादी के शहर बाड़मेर के लिए क्यों नहीं। इसके बाद संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी बाड़मेर को प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संपत राज लूणिया, मंडी व्यापार संघ अध्यक्ष वीरचंद वडेरा, कैलाश कोटडिय़ा, मदनसिंह महेचा, घनश्याम भाई तनसुखाणी, रामलाल जैन, भगवानदास आशवानी, देवानंद तनसुखाणी, मिथलेश अग्रवाल, प्रकाशचंद मालाणी, खेराज राम प्रजापत, कलाराम सांईं, मगराज डोगियाल, जगमाल राम भूंकर, रूपाराम सारण, हरी सिंह, पनाराम धायल, रूपाराम कड़वासरा, बागाराम खीचड़ सहित कई व्यापारिक संगठनों के लोग उपस्थित थे। सामाजिक कार्यकर्ता रणवीर भादू ने हाइवे बाइपास की पैरवी करते हुए कहा कि यह अच्छा मुद्दा है। इस संबंध में जल्द ही निर्णय होना चाहिए।
भास्कर ने उठाया था बाइपास का मुद्दा
फ्लाई ओवर से भविष्य के परिणाम विकट
बाड़मेर. चौहटन चौराहे पर केबिन को बंद करवाते कार्यकर्ता।
इम्पैक्ट
भास्कर
बाड़मेर. कलेक्ट्रेट के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी।
बाड़मेर. बाइपासको लेकर सोमवार को बाड़मेर बंद रहा।
बाड़मेर. बंदके दौरान रैली निकालते संघर्ष समिति के कार्यकर्ता।