पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ‘भारतीय भाषाओं के साथ षड्यंत्र’

‘भारतीय भाषाओं के साथ षड्यंत्र’

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रयास संस्थान की ओर से शनिवार को आयोजित समारोह में वर्ष 2014 का डॉ. घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार जयपुर के ख्यातनाम साहित्यकार भगवान अटलानी को दिया गया। एकांकी पुस्तक ‘सपनों की सौगात’ के लिए उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया।

सूचना केंद्र में हुए समारोह के मुख्य अतिथि नामचीन लेखक-पत्रकार विष्णु नागर ने कहा कि हमारा समाज धर्म और जातियों में इस प्रकार बंट गया है कि हम एक-दूसरे से असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। हमें यह समझना होगा कि परस्पर भरोसा कायम नहीं रहा तो केवल तकनीक और वैज्ञानिक प्रगति के सहारे ही हम सुखी नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि आज भारतीय भाषाओं के साथ षडयंत्र करते हुए यह कहा जा रहा है कि जो भी अच्छा लिखा जा रहा है, वह केवल अंग्रेजी में लिखा जा रहा है। हमें इस साजिश को समझना होगा और इस चुनौती का जवाब अपनी रचनात्मकता और सक्रियता से देना होगा।

विशिष्ट अतिथि डॉ. श्रीगोपाल काबरा ने आयोजन के लिए प्रयास संस्थान की सराहना की। वरिष्ठ साहित्यकार भंवरसिंह सामौर ने आभार जताया। प्रयास के अध्यक्ष दुलाराम सहारण ने आयोजकीय रूपरेखा पर प्रकाश डाला। संचालन कमल शर्मा ने किया। पुरस्कार से अभिभूत भगवान अटलानी ने कहा कि आदर्श और यथार्थ के बीच दूरियां नहीं होनी चाहिए। तमाम यथार्थ को भोगते हुए और उससे जूझते हुए हमें एक आदर्श स्थापित करना चाहिए ताकि हम समाज को अच्छा बनाने की दिशा में एक योगदान दे सकें। आदर्शों की ऊंचाइयों पर व्यक्ति पहुंचे, मेरा समग्र साहित्य इसी दिशा में एक समर्पण है। समारोह में ख्यातनाम साहित्यकार र|कुमार सांभरिया, रियाजत खान, युवा जागृति संस्थान के अध्यक्ष जयसिंह पूनिया, रामेश्वर प्रजापति रामसरा, नरेंद्र सैनी, रामगोपाल बहड़, ओम सारस्वत, हनुमान कोठारी, बाबूलाल शर्मा, उम्मेद गोठवाल, कुमार अजय, डॉ. कृष्णा जाखड़, सुनीति कुमार, विजयकांत, डॉ. रामकुमार घोटड़, माधव शर्मा, उम्मेद धानियां, बजरंग बगडिय़ा, केसी सोनी, आरके लाटा, सुरेंद्र पारीक रोहित, श्रीचंद राजपाल सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार मौजूद थे।

सूचना केंद्र में हुए पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित साहित्यकार नागरिक।

चूरू. भगवानअटलानी को नवाजते डॉ. घासीराम वर्मा सहित अतिथि आयोजक।