फिर एक हुए प्रदीप-कृष्णा
चूरू| बालकल्याण समिति ने घरेलू हिंसा के मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई की। समझाइश के बाद प|ी कृष्णा फिर से प्रदीप के साथ रहने को राजी हो गई।
छह अगस्त को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाडकुमारी जैन ने यहां जनसुनवाई की थी। इसमें रतनगढ़ की कृष्णा बिनावरा ने घरेलू हिंसा को लेकर परिवाद दिया था। आयोग अध्यक्ष ने मौके पर ही बाल कल्याण समिति को मामले का निस्तारण करने का कहा था। आयोग से पत्र मिलने पर समिति ने परिवादी कृष्णा पति प्रदीप बीनावरा निवासी सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर) समेत इनके परिजनों को 22 सितंबर को सुनवाई के लिए समिति कार्यालय में बुलवाया। उस दिन इनके माता-पिता नहीं आए। इस पर 29 सितंबर को सुनवाई तय की गई। सोमवार को प्रदीप पिता शिवरतन मां सावित्री तथा कृष्णा पिता भंवरलाल मां सुशीला के साथ आए। समिति की अध्यक्ष संतोष मासूम सदस्य संतोष परिहार, उमाशंकर शर्मा, रिसालदेवी सत्यनारायण बाकोलिया ने दोनों पक्षों में समझाइश की। समझाइश के बाद दंपति ने लिखित समझौता करके साथ रहने को राजी हो गए। कृष्णा ढाई साल से पीहर रतनगढ़ में रह रही थी। उसके दो बच्चे हैं। मामला कोर्ट में भी चल रहा था।
चूरू . बालकल्याण समिति में दोनों पक्षों में समझाइश करते हुए।