पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • परीक्षा नहीं करवाई, फीस से कमाया 2.32 करोड़ का ब्याज

परीक्षा नहीं करवाई, फीस से कमाया 2.32 करोड़ का ब्याज

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सीकर/चूरू.एकसाल पहले आरटेट के लिए गए आवेदनों के मामले में भाजपा सरकार कोई फैसला नहीं कर पाई है। भाजपा ने दावा किया था कि वे आरटेट खत्म करके नई प्रणाली लाएंगे। अभी तक रिट का सिलेबस और परीक्षा तिथि घोषित नहीं हुआ है। इसका नतीजा यह है कि माध्यमिक िशक्षा बोर्ड युवाओं की फीस का ब्याज खा रहा है। आरटेट-2013 के लिए प्रदेशभर से 5.46 लाख आवेदन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को मिले थे। इन आवेदनों से करीब 20 करोड़ 66 लाख 63,527 रुपए की फीस जमा हुई थी। एफडी के आधार पर इस राशि की पिछले 15 महीने के ब्याज की गणना की जाए तो यह 2.32 करोड़ रुपए होते हैं। आरटीआई से मिले जवाब में बोर्ड ने बताया कि रीट परीक्षा की तिथि अभी तय नहीं की गई है। यह भी कहा गया है कि 60 फीसदी या इससे अधिक मार्क्स से पास हुए अभ्यर्थियों की संख्या बेहद कम है।





अंकों की लड़ाई में ही आरटेट का मामला हाई कोर्ट में चल रहा है। अगर सरकार अब एसएलपी वापस लेती है तो कोर्ट के आदेशों के अनुसार 60 फीसदी अंक वाले ही परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

इंतजार | एकसाल से नहीं हो पाया है निर्णय

आरटेट-2013के प्रथम लेवल के लिए 84 हजार 519 और सैकंड लेवल के लिए चार लाख 61,620 आवेदन मिले थे। एक लेवल के लिए 400 और दोनों लेवल के आवेदन के लिए 600 रुपए की फीस ली गई थी। सीकर जिले के करीब 50 हजार अभ्यर्थी इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। आवेदन मांगने के कुछ दिनों बाद ही यह परीक्षा अटक गई। विधानसभा चुनाव के दरमियान भाजपा ने सरकार बनने पर आरटेट खत्म करने की घोषणा की। लेकिन अभी तक तो गाइडलाइन बन सकी है और ही परीक्षा का सिलेबस।







एडवोकेट संदीप कल्वानिया का कहना है कि प्रदेश के लाखों बेरोजगार खफा हैं। राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (आरटेट) 2013 का आयोजन पिछले साल 29 दिसंबर-2013 को होना था।

आरटेट-2011 : 34.55करोड़ की हुई कमाई, विवाद में फंसी परीक्षा

आरटेट-2011में प्रथम स्तर पर 5,71,406 और सैकंड लेवल में 5,08,424 अभ्यर्थी शामिल हुए। इससे बोर्ड को 34 करोड़ 55 लाख 33,935 रुपए की कमाई हुई। इस एग्जाम में प्रथम लेवल में 1.14 लाख और सैकंड लेवल में 79,217 अभ्यर्थी ही ऐसे थे, जो 60 फीसदी या इससे अधिक अंकों से पास हुए। इसके बाद भी यह परीक्षा विवादों में रही। परीक्षा का रिजल्ट बार-बार बदलना पड़ा।

आरटेट-2012: 21.22करोड़ वसूले, दोबारा रिजल्ट