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प्रशासन ने मानी किसानों की मांग

7 वर्ष पहले
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राजस्थानकिसान सभा तहसील कमेटी की ओर से कलेक्ट्रेट के पास दिया जा रहा धरना मंगलवार को स्थगित कर दिया गया। बीमा क्लेम सहित अन्य मांगों को लेकर धरनार्थियों की प्रशासन से वार्ता हुई। इसमें कई मांगों पर सहमति बनने पर कमेटी ने यह निर्णय लिया।

कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर अर्चनासिंह अध्यक्षता में बीमा कंपनी किसान सभा के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। वार्ता में विभिन्न मांगों पर सहमति बनने पर धरना स्थगित करने का निर्णय लिया गया। वार्ता में एडीएम राजेंद्रसिंह कविया, कृषि उप निदेशक राजेंद्रसिंह लांबा, कुलदीप शर्मा, भारत भूषण, एनसीएमसीएल प्रतिनिधि, एकेवाईएमईटी प्रतिनिधि, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के प्रतिनिधि, किसान सभा के रामरकण चौधरी, सुबोध शर्मा, इंद्र सुंडा, ताराचंद बुडानिया, रेवंतराम कड़वासरा हरलाल सारण शामिल थे। धरनास्थल पर शंभूदयाल शर्मा, मेघाराम, चैनसिंह, जीवणसिंह, बजरंगदास, नरपतसिंह, भंवरसिंह, मुकनाराम, फूलाराम, गोपीराम, गणेशाराम, चंद्राराम, सुल्तानसिंह, गोपालराम, इंदचंद्र विद्याधर आदि सहित किसान उपस्थित थे।

किसान सभा के प्रतिनिधियों की यह थी प्रमुख मांग

> वार्ता के दौरान पीथिसर मौसम केंद्र की जांच एक कमेटी द्वारा करवाने तथा किसान सभा के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार बीमा क्लेम का निर्धारण करने।

> चूरू तहसील के सभी बीमित किसानों को बीमित रकबे के 11 प्रतिशत भाग का प्रीमियम वापस देने।

> चूरू तहसील केसभी मौसम केंद्र डब्ल्यूएमओ मापदंडों के अनुसार धरातल पर लगाए जाने।

> मौसम यंत्रों की जांच 15 दिसंबर तक करने आदि पर सहमति बनी।

वार्ता के बाद हुई सभा

प्रशासन से वार्ता करने के बाद धरनास्थल पर किसानों की सभा हुई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि किसान अपने हक की लड़ाई में कभी पीछे हटने वाला नहीं है। बीमा क्लेम सहित अन्य मांगों पर प्रशासन ने सहमति जताते हुए पूरा करने का आश्वासन दिया है। अगर प्रशासन ने आश्वासन के अनुसार कार्रवाई नहीं की तो किसान फिर से आंदोलन को तैयार रहे। वक्ताओं ने कहा कि किसान पीथिसर मौसम केंद्र की जांच कमेटी के निर्णय आने का इतंजार करेंगे। सभा के बाद जांच कमेटी के निणर्य आने तक धरना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया। सभा को बजरंगलाल नेहरा, हरचंद कड़वासरा, रामेश्वरलाल भांभू, संतपसिंह, बीरबल मेघवाल, सतनारायण स्वामी, गोविं