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अग्रसेन कॉलोनी को ड्रेनेज से जोड़ने की जरूरत
शहरकी सबसे पॉश कॉलोनी में शुमार अग्रसेन नगर कॉलोनी में बसने के दो दशक बाद भी पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार 1996-97 में बसी इस कॉलोनी में सुविधा के नाम सब कुछ है। इनमें पार्क, स्कूल, पानी-बिजली सड़क आदि सुविधा शामिल है। केवल पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। ये परेशानी दो दशकों से है।
नगर परिषद के वार्ड 13 के अंतर्गत आने वाली करीब 250 घरों वाली बस्ती के लोगों के सामने पानी निकासी सबसे बड़ी समस्या बन गई है। सेवानिवृत्त शिक्षाविद संतोष कुमार गोयल का कहना है कि कॉलोनी बसावट के बाद आज तक जनप्रतिनिधि अिधकारियों ने यहां की पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर कोई पहल नहीं की। एडवोकेट सुरेश शर्मा का कहना है कि पानी निकासी का स्थायी समाधान दूर की बात है, फिलहाल तो यहां अस्थायी व्यवस्था होनी जरूरी है। वरिष्ठ अध्यापक राजेंद्र शर्मा ने बताया कि कॉलाेनी की सबसे बड़ी समस्या है।
पहलेभी उठ चुकी है मांग
सरकारआपके द्वार कार्यक्रम के दौरान जिले में आए मुख्य सचिव को कॉलोनीवासियों ने पानी निकासी की व्यवस्था के लिए ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि पानी की निकासी के लिए इस कॉलोनी को ओम पूनिया कॉलोनी से जोड़ा जाए, ताकि काॅलाेनी निकासी की व्यवस्था से जुड़ सकंे। उल्लेखनीय है कि उक्त कॉलोनियों को ड्रैनेज से जोड़े जाने की योजना है।
क्याहो समाधान
अग्रसेननगर से पानी निकासी की व्यवस्था तभी हो सकती है, जब इसे ड्रैनेज सिस्टम से जोड़ा जाए। कॉलोनी के वाशिंदे भी इसके लिए ज्ञापन दे चुके है, उनका कहना है कि पूनिया कॉलोनी ओम कॉलोनी से जोड़ने से ये कॉलाेनी से ड्रैनेज सिस्टम से जुड़ जाएगी, तो पानी निकासी की समस्या नहीं रहेगी। पूनिया आेम कॉलोनी को ड्रैनेज से जोड़ने की योजना है।
इसलिए है यहां समस्या
कलेक्ट्रेटके सामने करीब सौ बीघा जमीन में बसी अग्रसेन नगर कॉलोनी ढाल में है, इसलिए यहां से पानी निकासी व्यवस्था किया जाना मुश्किल हो रहा है। कमोबेश यही स्थिति ओम कॉलोनी की है, इसके भी एक आैर रेल लाइन है।
रेल लाइन फाटक बड़ी समस्या
अग्रसेननगर कॉलोनी से पानी निकासी के लिए रेल लाइन फाटक बड़ी समस्या है। नगर परिषद के तकनीकी विशेषज्ञ रेल लाइन को पानी निकासी में बाधक मानते हैं। उनका कहना है कि उक्त कॉलोनी को ड्रैनेज से जोड़ने के लिए पाइप लाइन बिछानी पड़ेगी, जो लाइनों के नीचे से गुजरेगी, जिसकी परमिशन रेलवे नहीं देगा।
चूरू. निकासी नहीं होने से घर के पास भरा पानी।