नए साल में राष्ट्रीय संस्कृत संगोष्ठी
चूरू. राजस्थानसंस्कृत अकादमी जयपुर की ओर से लोहिया कॉलेज में नए साल में अखिल भारतीय संस्कृत संगोष्ठी करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कॉलेज में तैयारियां शुरू हो गई है। संगोष्ठी में देशभर के सैकड़ों विद्वान वेदों पर शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। संगोष्ठी 16 17 जनवरी को होगी।
आयोजन सचिव डॉ. भवानी शंकर शर्मा ने बताया कि वेदों के प्रातिशाख्य ग्रंथों के बारे में अब तक कोई विशेष आयोजन नहीं हुआ। संगोष्ठी का उद्देश्य प्रातिशाख्य ग्रंथों के गूढ़ रहस्य के बारे में लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाना। इसके लिए इन ग्रंथों पर पूर्व में लिखे गए शोधपत्र की जानकारी देना और बाद में लिखे गए शोध पत्रों को संगोष्ठी में प्रस्तुत करना है। देश के विद्वानों को आमंत्रण-पत्र भिजवा जा रहे है तथा उनसे स्तरीय मौलिक शोधपत्र मंगवाए जाएंगे।
आयोजनको लेकर समितियां गठित
प्राचार्यडॉ. एमडी गौरा ने बताया कि संगोष्ठी के आयोजन को लेकर प्रो. आरएस शक्तावत के संयोजन में स्वागत समिति, डॉ. एलएन आर्य के संयोजन में अनुशासन समिति, प्रो. दलीपसिंह पूनियां के संयोजन में आवासीय समिति, प्रो. कमल सिंह कोठारी के संयोजन में कार्यक्रम संचालन समिति गठित की गई है। इसके अलावा भोजन व्यवस्था समिति, पंजीयन समिति, सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति, सूचना एवं प्रसार समिति अन्य समितियों का गठन किया गया है।
संस्कृतसंगोष्ठी फोल्डर का विमोचन
राजकीयलोहिया कॉलेज में शनिवार को प्राचार्य डॉ. गौरी, उप प्राचार्य प्रो. शक्तावत, प्रो. बीएम सचदेवा, डॉ. वीके स्वामी सहित अन्य प्रवक्ता ने संस्कृत संगोष्ठी फोल्डर का विमोचन किया। इसमें संगोष्ठी के उद्देश्य आयोजन के बारे में पर्याप्त जानकारी दी गई है।
चूरू. फोल्डरका विमोचन करते प्राचार्य अन्य।