कलेक्ट्री पर किसानों का प्रदर्शन
बीमाक्लेम अन्य मांगों को लेकर जनवादी संगठनों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया सभा की। प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया गया।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष हीरालाल कलवानिया ने कहा कि किसानों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार किसानों का हक छीनना चाहती है। छगनलाल ने कहा कि किसानों को संगठित होकर जनविरोधी नीतियों का मुकाबला करना होगा। कुरड़ाराम दामेवाल ने कहा कि सरकार रोडवेज सहित सभी क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देना चाहती है। किसान सभा ऐसा होने नहीं देगी। रामकरण चौधरी ने कहा कि केंद्र राज्य सरकारों की उपेक्षा के कारण 15 साल में तीन लाख से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं। चूरू में सरकारी गर्ल्स कॉलेज बंद करना राज्य सरकार का जनविरोधी कदम है। निर्मल प्रजापत ने कहा कि कुंभाराम आर्य लिफ्ट नहर का पानी किसानों को नहीं मिल रहा है। सविता धोलिया ने कहा कि किसान मजदूर की दमनकारी नीतियों का विरोध करने में महिलाएं भी पीछे नहीं रहेगी। सभा को रामकृष्ण छीपा, खेमसिंह चौहान, भगतसिंह, माइचंद बागोरिया, दीपाराम प्रजापत, इंद्राजसिंह, काशीराम पूनिया, धर्मपाल चौधरी, रामसिंह, सुशील कंवर, हड़मान मूंड आदि ने संबोधित किया।
येसंगठन शामिल हुए
धरनेमें अखिल भारतीय किसान सभा, जनवादी नौजवान सभा, जनवादी महिला समिति, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन स्टूडेंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया जिला कमेटी के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कलेक्टर को दिया ज्ञापन
सभाके बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम 10 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में डीजल, पेट्रोल, रेल बस किराया में बढ़ोतरी वापस लेने, पर्याप्त बिजली नए कनेक्शन देने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, फसलों का लाभकारी मूल्य देने बेसहारा पशुओं की व्यवस्था करने, फसल मुआवजे में तापमान सीमा -2.7 डिग्री से -2 डिग्री करने, स्कूलों रोडवेज का निजीकरण बंद करने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर देने आदि की मांग की गई है।
चूरू. कलेक्ट्रेटपर प्रदर्शन करते किसान अन्य संगठनों के पदाधिकारी।