11 दिसंबर को टूटा 11 साल का रिकॉर्ड
शेखावाटीमें सर्दी ने अचानक एक साथ दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों से कमजोर सर्दी ने पिछले 11 साल का 11 दिसंबर का रिकॉर्ड ही तोड़ दिया है।
हैरत की बात तो ये है कि वर्ष 2005 के बाद 2014 तक आज तक एक दिसंबर से 11 दिसंबर के बीच इतनी सर्दी नहीं थी। तब न्यूनतम पारा चार डिग्री से नीचे तक नहीं आया था। इस सीजन में 11 दिसंबर का न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वर्ष 2005 में जरूर एक से चार दिसंबर तक ही दो डिग्री से नीचे तक तापमान दर्ज हुआ था। पिछले कुछ एक सालों में तो पूरे दिसंबर में ही इतना नीचे तापमान नहीं आया। बुधवार की रात बेहद ठंडी रहने के बाद गुरुवार को अलसुबह ठंड का असर तेज रहा। दिन में तेज धूप रही, लेकिन मामूली तौर पर ठिठुरन बनी रही। शाम को पांच बजे बाद फिर सर्दी ने जोर पकड़ लिया। सर्दी के बचाव के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया।
जमाव बिंदु या माइनस में होने पर नुकसान की संभावना
शिमला और माउंट आबू से ठंडा चूरू
चूरू.मौसमके उतार-चढ़ाव में विशेष पहचान रखने वाले शेखावाटी क्षेत्र में 11 दिसंबर प्रदेश ही नहीं, बल्कि सबसे ठंडे क्षेत्र शिमला, माउंट आबू और जम्मू से भी ठंडा चूरू रहा है। शिमला में 11 दिसंबर का न्यूनतम तापमान 3.3, माउंट आबू का 5.0 जम्मू में 6.2 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि चूरू में 1.7 डिग्री सेल्सियस था।
कृषि अधिकारी भरत भूषण शर्मा के मुताबिक फसलों के लिए मौसम सामान्य है, इससे फसलें ज्यादा प्रभावित नहीं होगी। रात का पारा दो डिग्री के करीब पहुंचा है, जबकि दिन में धूप का असर तेज बना हुआ है। अगर तापमान जमाव बिंदू या माइनस में पहुंच जाता है, तो फसलों को नुकसान होने की संभावना रहती है। क्षेत्र में बोई गई अगेती पछेती फसलों में अभी सिंचाई का समय चल रहा है। अगर इस समय मावठ होती है, तो फसलों को फायदा मिल सकता है तथा बढ़वार भी अच्छी होगी। माइनस डिग्री पर तापमान पहुंचने पर किसान विभागीय सिफारिश के अनुसार उपाय करके फसलों को ठंड से बचा सकते हैं।
11 वर्षों में 11 दिसंबर की सर्दी
वर्षन्यूनतम अधिकतम
2004 6.2 25.5
2005 2.0 25.2
2006 6.6 22.1
2007 11.9 21.5
2008 8.4 25.6
2009 11.2 25.5
2010 5.3 26.7
2011 4.6 26.0
2012 9.2 26.8
2013 7.7 29.6
2014 1.7 25.6
नोट: 2005 को छोड़कर अन्य वर्षों में अब तक एक से 11 दिसंबर के बीच नहीं इ