राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ 224 मामलों का निस्तारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को जिला मुख्यालय सहित लाखेरी, हिंडौली, केशवरायपाटन तालेड़ा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इनमें कुल 224 मामलों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत के सफल संचालन के लिए बूंदी न्याय क्षेत्र में आठ लोक अदालत न्याय पीठों का गठन किया गया था। लोक अदालत में बैंक मेटर्सः धारा-138 एनआई एक्ट, वसूली दावे आदि (पेंडिंग एवं प्री-लिटिगेशन) के 2192 प्रकरण रखे गए। प्री-लिटिगेशन के 115 मुकदमे राजीनामा के माध्यम से निस्तारित हुए, जिनमें 4999995 अवार्ड राशि पारित की गई। इसी तरह 109 पेंडिंग केसेज निस्तारित हुए, जिनमें 10814406 अवार्ड राशि पारित की गई। जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट स्थित अटल सेवा केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक आॅफ बडौदा के 6 केस निस्तारित हुए, जिनमें 328500 रुपए की अवार्ड राशि पारित की गई।
यहांभी हुआ लोक अदालतों का आयोजन
लाखेरीमुख्यालय पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक आॅफ बडौदा के दो केस निस्तारत हुए, जिनमें 53000 अवार्ड राशि पारित की गई। हिंडौली में बैंक आॅफ बड़ौदा हिंडौली के एक केस में 103100 राशि, बैंक आॅफ बडौदा अलोद के नौ केसेज में 606624, एसबीबीजे हिंडौली के दो केस में 45322, बडौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक हिंडौली के एक केस में 15000 राशि, बडौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सथूर का एक केस निस्तारित हुआ। इसी तरह केशवरायपाटन में आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में एसबीआई के 12 केस में 749600, बैंक आॅफ बडौदा झालीजी का बराना के चार केस में 484500 रुपए, बडौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ईश्वरनगर के तीन केस में 271500 रुपए, बैंक आॅफ बड़ौदा केशवरायपाटन के तीन केस में 45000 रुपए, एसबीबीजे केशवरायपाटन के दो केस में 58000 रुपए, पंजाब नेशनल बैंक केशवरायपाटन के दो केस में 15000 रुपए अवार्ड राशि पारित की गई। वहीं तालेड़ा मुख्यालय पर बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सुवांसा के सात केस में 14400 रुपए, बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तालेड़ा के तीन केस में 37000 रुपए, बैंक आॅफ बडौदा डाबी के तीन केस में 630800 रुपए एवं बैंक आॅफ बडौदा तालेड़ा के दो केस में 15000 रुपए की अवार्ड राशि पारित की गई।
रोडएक्ट के 104 प्रकरण हुए निस्तारित
राष्ट्रीयलोक अदालत का आयोजन रोडा एक्ट के मुकदमों के संबंध में उपखंड अधिकारी तहसीलदार न्यायालयों में भी किया गया, जहां पूरे जिले में रोड़ा एक्ट के कुल 104 प्रकरण निस्तारित हुए। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में लोक अदालत न्यायपीठों में अध्यक्ष एडीजे-2 बूंदी गिरीश अग्रवाल, सीजेएम बूंदी डाॅ. कैलाशचंद्र अटवासिया, एसीजेएम बूंदी रेखा यादव, एडीजे-1 बूंदी हरिमोहन गुप्ता, न्यायिक मजिस्ट्रेट लाखेरी अनुतोष गुप्ता, एसीजेएम केशवरायपाटन शिवचरण मीणा, न्यायिक मजिस्ट्रेट तालेड़ा सरोज सींवर, न्यायिक मजिस्ट्रेट हिंडौली विद्यानंद शुक्ला को बनाया गया, जिनके द्वारा लोक अदालत में आए पक्षकारों को समझाईश करवाई।
बूंदी। राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकारों की समझाइश करते न्यायिक अधिकारी।
लाखेरी. राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित मजिस्ट्रेट अन्य।