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आईआईटीकानपुर को तो 12 ऑफर मिले एक करोड़ से ज्यादा के। इनमें तीन ओरेकल से और छह गूगल से थे। ओरेकल ने आईआईटी मद्रास के दो बीटेक छात्रों को भी 1.31 करोड़ के पैकेज ऑफर किए। जबकि गूगल ने यहां दिया था 92 लाख रुपए का पैकेज।
पहली बार नहीं मिला है करोड़ों का पैकेज: 2008 में आईआईएम अहमदाबाद में पैकेज 1.44 करोड़ और आईआईएम कोलकाता में 1.36 करोड़ तक गए। 2010 में भी आईआईएम अहमदाबाद के छात्र को ड्यूश बैंक ने 1.6 करोड़ रुपए का पैकेज ऑफर किया था। इसके बाद 2011 में तीन और 2013 में दो छात्रों को एक करोड़ से ज्यादा के पैकेज ऑफर हुए। पांच में से चार ऑफर ड्यूश बैंक के थे। आईआईएम बेंगलुरू के दो और आईआईएम-चेन्नई के एक छात्र को करोड़ों रुपए ऑफर हुए थे।
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कोर्टने जयललिता की सहेली शशिकला, बेदखल दत्तक पुत्र वीएन सुधाकरन और भतीजी इलावरसी को भी दोषी ठहराया है। तीनों को 4-4 साल की जेल और 10-10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। फैसले के बाद जयललिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। फैसले के लिए बेंगलुरू के बाहरी इलाके परप्पाना अग्राहारा स्थित केंद्रीय जेल में अस्थायी अदालत बनाई गई थी। विशेष जज जॉन माइकल डिकुन्हा ने फैसला सुनाया। सजा सुनाते ही पुलिस ने जयललिता को हिरासत में ले लिया। लेकिन उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। मामला तमिलनाडु का है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की सुनवाई पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बेंगलुरू में हो रही थी। फैसले के बाद तमिलनाडु में खूब हंगाम हुअा। पनीरसेल्वमबन सकते हैं सीएम : जयललिताराज्य के वित्तमंत्री ओ. पनीरसेल्वम को मुख्यमंत्री बना सकती हैं। 2001 में भी जब जयललिता को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी तब भी पनीरसेल्वम को ही जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अटकलें है कि इस बार ऊर्जा मंत्री नाथम विश्वनाथन और परिवहन मंत्री सेंथिल बालाजी को भी मौका मिल सकता है। {जयललिता के खलाफ 700 करोड़ का कोयला आयात घोटाला, टीवी घोटाला, गिफ्ट केस घोटाला सहित भ्रष्टाचार के 45 मामले चल रहे हैं। तीन साल में तमिलनाडु सरकार ने उनके मामलों की सुनवाई के लिए तीन विशेष अदालतों गठित कर चुकी हैं। {जयललिता और उसके सहयोगियों ने 34 छद्म कंपनियां बना रखी थीं। इन कंपनियों के नाम 100 बैंक खाते थे। शशिकला, सुधाकरण और इलावारासी इन्हीं कंपनियों के नाम पर जयललिता के लिए बेनामी संपत्ति खरीदते थे।