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बेटे को छात्रवृत्ति के लिए एक्सईएन बने किसान

7 वर्ष पहले
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चित्तौडगढ़|पीडब्ल्यूडी मेंएक्सईएन पद पर कार्यरत एक पिता अपने बेटे को छात्रवृत्ति दिलाने के लिए मामूली किसान बन बैठे। पेशा कृषि कार्य बताते हुए खुद की सालाना आय मात्र 75 हजार रुपए बता दी। जबकि वास्तविक आय इससे कई गुना ज्यादा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में छात्रों को उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अजा वर्ग के एक छात्र के उदयपुर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में जीएनएम ट्रेनिंग के दौरान आवेदन पत्र की जांच में इसका खुलासा हुआ। उदयपुर के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक ने भूपालसागर तहसीलदार को तीन जुलाई 2014 को भेजे पत्र में बताया कि भूपालसागर नई आबादी निवासी विष्णुशंकर मीणा पुत्र नारायणलाल मीणा ने अपने बेटे विकास मीणा को उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति दिलाने के लिए आवेदन किया है। इसमें स्वयं की घोषणा के आय प्रमाण पत्र फीस की तुलना में काफी कम आय दर्शाई गई है। इसलिए प्रार्थी विष्णुशंकर मीणा की राजस्व एवं व्यावसायिक वास्तविक आय की जांच करवाकर रिपोर्ट भिजवाएं। भूपालसागर तहसीलदार प्रभुलाल जैन ने पटवारी से जांच करवाकर रिपोर्ट भेज दी। दो साल में 76 हजार रुपए से ज्यादा छात्रवृत्ति उठाई गई।

^सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देश पर इस मामले में संबंधित पटवारी से जांच कराई गई। जिसमें संबंधित छात्र के पिता पीडब्लूडी में एक्सईन होना ही सामने आया। रिपोर्ट उसी समय संबंधित विभाग मुख्यालय को भिजवा दी थी। हालांकि संबंधित कार्मिक का पदस्थापन प्रतापगढ़ जिले में होने के कारण सेलेरी सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया। हमने इसके लिए विभाग को लिखा गया कि प्रतापगढ़ जिले से सेलेरी सर्टिफिकेट मंगवाया जाए। इससे क्राइट एरिये का पूरा पता चल जाएगा। -प्रभुलालजैन, तहसीलदार,भूपालसागर