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रवि शास्त्री को लंबे समय के लिए दायित्व सौंपें
बीसीसीआई चाहतीहै कि रवि शास्त्री आगामी वर्ल्डकप तक टीम इंडिया के डायरेक्टर बने रहें। कप्तान धोनी और टीम के अन्य सदस्य भी सार्वजनिक रूप से रवि शास्त्री की तारीफ कर चुके हैं। इन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शास्त्री द्वारा दिए गए योगदान को प्रेरक माना है। जब टीम के सभी साथी रवि की प्रशंसा कर रहे हैं, तो उन्हें डायरेक्टर बनाए रखने की घोषणा करने में बीसीसीआई को हिचक क्यों है? जब शास्त्री इंग्लैंड में अपना दायित्व निभा रहे थे, तब मैंने कहा था कि शास्त्री सकारात्मक मानसिकता के हैं और वे अपना दायित्व बखूबी निभाने में सक्षम हैं। आज के संदर्भ में मैं यह तर्क जरूर करूंगा कि जिम्मेदारी देनी है, तो लंबे समय तक के लिए दी जाए, सिर्फ वर्ल्डकप तक के लिए नहीं। मेरे इस तर्क से कई लोग सहमत नहीं होंगे, लेकिन मुझे इसके लिए अपना पक्ष रखना ही होगा। इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में हम धराशाई हुए। टीम का आत्मविश्वास भी डगमगा गया था। तब यह मांग की गई कि टीम को पराजय के कगार से उबारने के लिए संकट प्रबंधन की जरूरत है। बीसीसीआई ने छोटी अवधि के लिए संकट प्रबंधन की व्यवस्था कर ली और रवि शास्त्री को इसकी जिम्मेदारी दी। उन्होंने अपना दायित्व बखूबी निभाया, लेकिन आपात रणनीति से क्या टीम का प्रदर्शन स्थायी रूप से ट्रैक पर लौट आया है। यह आने वाले दिनों में देखने वाली बात होगी।
जहां तक मेरा मत है, तो रवि शास्त्री की योग्यता और क्षमता को देखते हुए उन्हें आगामी वर्ल्डकप तक के लिए नहीं, बल्कि तीन साल के लिए डायरेक्टर नियुक्त करना चाहिए। यह सही है कि रवि ने मुख्य कोच डंकन फ्लैचर को कुशल प्रशिक्षक के रूप में क्लीन चिट दी है और कप्तान धोनी को भी उन्होंने निर्विवाद बॉस कहा है। रवि भले ही फ्लैचर की तारीफ कर रहे हों, लेकिन फ्लैचर शायद अभी असमंजस में होंगे कि शास्त्री यदि डायरेक्टर बने रहे, तो मुख्य कोच की क्या भूमिका होगी।
एक खिलाड़ी और कप्तान के रूप में मैंने रवि शास्त्री को परखा है। उनकी काबिलियत को मैं जानता हूं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आगामी दिनों में रवि शास्त्री की क्या भूमिका होगी। जहां तक क्रिकेट डायरेक्टर के पद की गरिमा का सवाल है, तो कहना होगा कि यह पद बहुत शक्तिशाली है, जिसमें टीम के कप्तान सहित सभी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ डायरेक्टर को रिपोर्ट करते हैं। भारत की देखादेखी अन