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आतंकवाद में इस्तेमाल हो रहा होगा नशे के कारोबार का पैसा
प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने रेडियो पर अपने तीसरे ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस बार नशे की लत और उसके कारोबार का मसला उठाया। कहा, ‘जिन पैसों से ड्रग्स खरीदी जाती है, वे पैसे कहां जाते हैं? ये पैसे आतंकियों के पास जाते होंगे। इनसे आतंकी हथियार खरीदते होंगे। और उन्हीं हथियारों से कोई आतंकी मेरे देश के जवान के सीने में गोलियां दाग देता होगा।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘नशा, इससे प्रभावित लोगों और परिवारों के जीवन में थ्री ‘डी’ लाता है। ‘डार्कनेस’ (अंधेरा), ‘डिस्ट्रक्शन’ (विध्वंस) और ‘डिवास्टेशन (विनाश)। यह एक सामाजिक बुराई है। इससे निपटने के लिए समाज और सरकार को मिलकर काम करना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘बच्चे अकेलेपन में और गलत संगत में पड़कर भटक जाते हैं। लिहाजा, बच्चों के माता-पिता को उनका ध्यान रखना चाहिए। बच्चों के साथ आजकल बातचीत का दायरा बेहद सीमित हो गया है। जबकि जरूरत इस बात की है कि बड़े होते बच्चों के साथ माता-पिता को मित्र बनकर विस्तार से बातचीत करनी चाहिए।’
बताया | सरकार क्या करेगी
मोदी ने कविता के मार्फत सुझाया कि माता-पिता बच्चों से दोस्त की तरह पेश आएं। उनसे घुलें-मिलें। ताकि बच्चे खुद को अकेला महसूस करें।...
पांचवर्ष लौ लीजिए, दस लौ ताड़न देय।
सुत ही सोलह वर्ष में, मित्र सरिज गुन देय।।
(मतलब : बच्चे को पांच साल तक गोद में खिलाएं। फिर अगले 10 साल सख्ती बरतें। और 16 साल का होने के बाद उसको दोस्त की तरह सिखाएं।)
प्रधानमंत्री ने नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी। उनके मुताबिक...
1.अफसरोंसे कहा है कि नशे से प्रभावित लोगों की मदद के लिए जल्द ही टोल फ्री हैल्पलाइन स्थापित करें।
2.सोशलमीडिया पर नशे के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है।
3.‘नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए हर क्षेत्र की जानी-मानी शख्सियतों को शामिल किया जाएगा।
सुझाया|माता-पिता क्या करें
प्रधानमंत्री माेदी ने ‘मन की बात’ में कहा-