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201 गवाह, 20 जज... फिर भी फैसले में लगे 40 साल

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज नेटवर्क | नई दिल्ली/पटना

पूर्वरेलमंत्री ललित नारायण मिश्र की हत्या के मामले में 40 साल बाद फैसला आया है। दिल्ली की एक कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है। उन्हें 15 दिसंबर को फांसी या उम्रकैद की सजा सुनाई जा सकती है। केस में 20 जजों ने अभियोजन पक्ष के 161 और बचाव पक्ष के 40 गवाहों को सुना। मिश्र के भाई और बेटे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि हत्या के मामले में निचली अदालत का फैसला 40 साल बाद आना न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। इस केस ने समस्तीपुर से पटना और फिर दिल्ली का सफर तो चार साल में तय कर लिया था। लेकिन फैसला जल्दी नहीं पाया। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद ही 2012 में दैनिक आधार पर केस को सुना गया। तब दो साल में फैसला पाया।

मुकदमाखारिज करने से इनकार : एकआरोपी रंजन द्विवेदी ने सुनवाई में देरी पर कार्यवाही रद्द करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने देरी पर आश्चर्य जताया। केंद्र से स्टेटस रिपोर्ट मांगी ट्रायल कोर्ट को 17 अगस्त 2012 को दैनिक आधार पर सुनवाई के निर्देश दिए। यह भी कहा कि मुकदमे की सुनवाई 37 साल में पूरी होना अदालती कार्यवाही रद्द करने का आधार नहीं बन सकता।

अब उच्च अदालतों में फैसले को चुनौती देंगे दोषी

कडकडडूमाकोर्ट के जिला जज विनोद गोयल ने चारों आरोपियों गोपाल जी, रंजन द्विवेदी, संतोषानंद अवधूत और सुदेवानंद अवधूत को दोषी ठहराया। आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत। मामले के एक आरोपी की मौत हो चुकी है। चारों दोषी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। उन्हें हिरासत में लेने के निर्देश दिए गए हैं। चारों दोषी इस फैसले को चुनौती देंगे। यानी सजा में और देरी हो सकती है।

सीबीआई के मुताबिक, एक हिंदू संस्था आनंद मार्ग के एक नेता की रिहाई के लिए उसके अनुयायियों ने मिश्र पर हमला करवाया था। लेकिन मिश्र के छोटे भाई डॉ. जगन्नाथ मिश्र के अलावा उनके बेटे विजय मिश्र यह नहीं मानते। उनका कहना है कि आनंद मार्गी निर्दोष हैं। इंदिरा गांधी के विश्वस्त होने की वजह से ललित बाबू निशाने पर थे। हत्या क्यों हुई, इसका जवाब अब भी नहीं मिला है।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार में रेलमंत्री रहे मिश्र दो जनवरी 1975 को समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर ब्रॉडगेज रेललाइन का उद्घाटन करने समस्तीपुर गए थे। वहां बम विस्फो