संक्रमित लावारिस शिशु ने दम तोड़ा
भरतपुर. करीबदो माह पूर्व पान्हौरी डीग के मध्य सड़क किनारे मिले लावारिस नवजात शिशु ने शनिवार को उपचार के दौरान राजकीय जनाना अस्पताल में दम तोड़ दिया। शिशु को बाल अधिकारिता विभाग के बाल गृह में रखा गया था, यहां देखभाल में लापरवाही के चलते वह संक्रमण का शिकार होने से कमजोर हो गया था।
पान्हौरी डीग के बीच गत 11 अक्टूबर को सड़क किनारे मिले नवजात शिशु को उपचार के लिए जनाना अस्पताल के शिशु वार्ड में भर्ती कराया और 16 अक्टूबर को बाल गृह ले जाया गया। यहां उचित देखभाल नहीं होने के कारण उसे बार-बार अस्पताल में दाखिल किया गया। हालत गंभीर होने पर शुक्रवार को राजकीय जनाना अस्पताल के शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया। यहां उसने शनिवार सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जनूथर चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह ने बताया कि मृत शिशु का पोस्टमार्टम कराकर नई मंडी श्मशान में अंतिम संस्कार कर दिया।
शेषपेज 15 पर...
्राजकीय जनानाअस्पताल के वरिष्ठ शिशु चिकित्सक डॉ. एस.एन. शर्मा ने बताया कि बच्चा कमजोर था और संक्रमण का शिकार था। दो माह के स्वस्थ बच्चे का वजन 4 किलो होना चाहिए था, लेकिन बच्चे का वजन करीब 1.9 किलो था। उसके खानपान देखभाल का ध्यान नहीं रखा गया।
बार-बार भर्ती हुआ अस्पताल में
बाल गृह के अधीक्षक सुरेश शर्मा ने बताया कि प्रत्येक बच्चे की देखभाल के लिए अलग-अलग आया हैं, बीमार होने पर तुरंत अस्पताल भर्ती कराया गया। वह शुरू से ही संक्रमण का शिकार कमजोर था। उसे बाल गृह में 16 अक्टूबर को लाया गया था। उसके बाद 5 से 11 नवंबर तक और फिर 25 नवंबर से 6 दिसंबर तक अस्पताल में भर्ती रहा और ब्लड भी चढ़ाना पड़ा। उसके बाद फिर से 12 दिसंबर को सुबह 11 बजे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और शनिवार को दम तोड़ दिया।