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इंटरनेट से किराना सामान खरीदने का चलन बढ़ा

7 वर्ष पहले
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देशमें इंटरनेट से खाने-पीने की चीजें और किराना सामान खरीदने का चलन तेजी से बढ़ा है। पिछले साल इस कारोबार में लगे ऑनलाइन रिटेल कंपनियों की संख्या महज 18 थी। इस साल यह बढ़कर 44 तक पहुंच गई है। अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन रिटेल स्टोरों ने सामान की तुरंत यानी एक घंटे के भीतर डिलिवरी देने के मामले में पारंपरिक किराना स्टोरों को पीछे छोड़ दिया है। इस कारोबार में दिल्ली शीर्ष पर है। इसके बाद मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, कोलकाता, चंडीगढ़, तिरूवनंतपुरम, कोयम्बटूर और अन्य का स्थान है।

देश में इंटरनेट के प्रति युवाओं और पेशेवरों के बढ़ते क्रेज की बदौलत इस कारोबार में बढ़ोतरी देखी जा रही है। एक ऑनलाइन रिटेल ग्रॉसरी स्टोर किराना सामान, फल-सब्जी, पर्सनल केयर समेत 10 हजार से 14 हजार प्रोडक्ट की डिलीवरी करता है।

} कम कीमत, आसान डिलिवरी, छानबीन की जरूरत नहीं।

} भुगतान के विभिन्न तरीके, जैसे ऑनलाइन बैंकिंग, कैश आॅन डिलिवरी. डेबिट-क्रेडिट कार्ड।

} समय, धन और मेहनत की खासी बचत।

कुछ ऑनलाइन रिटेल आउटलेट

इसलिए बढ़ी ऑनलाइन शॉपिंग

>देशमें इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या 12 करोड़ से बढ़कर 21.30 करोड़ पर पहुंच गई है। साथ ही मोबाइल की कीमतों में कमी आने से इसकी पहुंच लगातार बढ़ रही है। इससे भविष्य में ऑनलाइन खाद्य और किराना स्टोरों की संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

>ऑनलाइन रिटेल कंपनियां फिलहाल शहरों में ही अपनी सेवाएं दे रही हैं। इनका विस्तार शहरों के बाहर भी किया जा सकता है। संभावनाओं को देखते हुए इन कंपनियों में निवेश भी बढ़ रहा है। हाल ही बिगबास्केट डॉट कॉम में हेलियन वैंचर्स, जोडियस कैपिटल जैसे निवेशकों ने 200 करोड़ रुपए निवेश किया है।

लेकिन चुनौतियां भी

जानकारोंके मुताबिक ऑनलाइन किराना सामान खरीदने का चलन भले ही बढ़ रहा हो, लेकिन इस कारोबार में लगी कंपनियों को चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा। टेक्नोपैक के मुताबिक 2017 तक भारत का रिटेल कारोबार 43 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा। तभी भी ऑनलाइन ग्रॉसरी का हिस्सा मात्र दो फीसदी ही रहेगा।