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दुकानों पर कब्जे को लेकर मारपीट विरोध में बाजार बंद, नारेबाजी

7 वर्ष पहले
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देवस्थान विभाग की दुकानों पर कब्जे को लेकर शनिवार सुबह दो गुटों में हुए विवाद के बाद मारपीट हो गई। मारपीट की घटना के विरोध में व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाजार बंद करा दिया।

व्यापारियों ने काफी देर तक जमकर विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित देवस्थान विभाग की दुकानों पर कब्जा जमाने के लिए शनिवार सुबह बाजार में दोनों गुटों में आपस में मारपीट हो गई। इसमें जयप्रकाश के साथ हुए झगड़े के विरोध में दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर पुलिस के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना के विरोध में जयप्रकाश पुत्र दुलीचंद ने कुम्हेर थाने में दर्ज कराए मामले में बताया कि शनिवार की दोपहर डेढ़ बजे वह अपने परिजनों के साथ दुकान पर बैठा था। इसी दौरान विकास पुत्र फूलचंद शर्मा, उदयवीर सुरेश पुत्र सिक्कन जाट, छगन पिन्टू पुत्र निरंजन कढेरा गुड्डू अपने साथियों के साथ लाठी-डंडे लेकर आए और गाली गलौज करते हुए मारपीट कर लूटपाट की। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के सामने व्यापारियों ने रोष व्यक्त करते हुए बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण सीओ सत्यनारायण ने भी कस्बे में पहुंचकर मामले की जानकारी ली और फिर बाद में बाजार खुल गया।

सीओ से मिले व्यापारी

भरतपुरव्यापार संघ का प्रतिनिधिमंडल घटना को लेकर सीओ ग्रामीण सत्यानारायण से कुम्हेर में मिला। व्यापारियों ने सीओ से हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होनें कहा कि रविवार शाम तक हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो जिलेभर में बंद का आह्वान किया जाएगा। व्यापार संघ जिलेस्तर पर दुकानें बंद कर आंदोलन किया जाएगा। इस पर सीओ ने आश्वासन दिया। सीए अतुल मित्तल के साथ प्रतिनिधिमंडल में लक्ष्मणप्रसाद, जयप्रकाश बजाज, मोहनलाल मित्तल, नरेंद्र गोयल आदि शामिल थे। इसी प्रकार डीग कुम्हेर विधायक विश्वेंद्रसिंह ने भी कुम्हेर पहुंचकर घटना की जानकारी प्राप्त की।

कुम्हेर. मारपीट की घटना के बाद आक्रोशित व्यापारियों से समझाइश करते पुलिस अधिकारी।