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रचना शिविर में बताई बाल साहित्य शिक्षा की उपयोगिता
राजस्थानब्रजभाषा अकादमी जयपुर एवं कदम्ब ब्रज साहित्य संस्थान कामां की ओर से आयोजित ब्रजभाषा बाल साहित्य रचना शिविर का समापन अकादमी के पूर्व अध्यक्ष गोपाल प्रसाद मुदगल की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर मुदगल ने बाल साहित्य की शिक्षा में उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के संयोजक भूपेन्द्र भरतपुरी ने बताया कि दो दिन के रचना शिविर में लगभग 30 संभागियों ने गद्य पद्य में बाल साहित्य की रचना कर बालिकाओं की उपस्थिति में प्रस्तुतीकरण किया। वहीं संदर्भ व्यक्ति डॉ. दाऊदयाल गुप्ता, मेवाराम कटारा, मनमोहन गुप्ता अभिलाषी आदि ने संभागियों द्वारा लिखित रचनाओं की समीक्षा की। वरिष्ठ साहित्यकार विठ्ठल पारीक ने ब्रजभाषा में गद्य लेखन की आवश्यकता पर ध्यान आकृष्ट किया। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. भगवान मकरंद ने बताया कि शिविर में डीग, नगर, भरतपुर, अलवर, कामां, जयपुर, कंजोली आदि के लगभग 50 साहित्यकारों ने दो दिन तक बाल साहित्य की रचना की। कार्यक्रम में मुरारीलाल, छुट्टन खां साहिल, दुलीचंद लोधा, प्रीतम परेशान, हेमेन्द्र भारतीय, गोविंद सैनी, कमल सैनी, श्याम साहू आदि मौजूद थे।