भगवान भक्ति के अधीन: सुमनकिशोरी
लसानी| सुमनकिशोरी ने कहा है कि भगवान भक्ति के अधीन होते हैं, व्यक्ति के कर्म अच्छे हैं तो निश्चल भाव से किया गया हर कार्य सिद्ध होता है।
वे देवगढ़ की भवानी वाटिका में गुरुवार भागवत कथा के तीसरे दिन की कथा कह रही थी। ब्रह्मा की सृष्टि रचना पर प्रवचन देते हुए भक्तों की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि धीर, वीर, गम्भीर महात्मा विधुर के यहां श्रीकृष्ण ने साग-भाजी का भोग लगाया जबकि उन्होंने दुर्योधन के पांच पकवानों को ठुकरा दिया। यह प्रेममयी भक्ति की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि भक्त प्रहलाद ने आने वाली पीढी़ को निश्चल, निर्मल, पवित्र तरीके से भगवान की भक्ति का संदेश दिया है। प्रहलाद की इसी भक्ति के अभिभूत होकर भगवान को नृसिंह अवतार लेकर उसके पिता की आसुरी शक्ति का नाश किया। सुमन किशोरी ने मीरा, करमा, राजा परीक्षित के जीवन के बारे में विस्तार से बताते हुए भक्ति की महिमा का बखान किया। कथा के दौरान आकर्षक झांकियों ने भक्तो मंत्रमुग्ध कर दिया।
देवगढ़। भवानी वाटिका में श्रीमद भागवत कथा सुनती महिलाएं। इनसेट: प्रवचनदेती साध्वी। फोटो: भास्कर