अधूरे गोमती-ब्यावर फोरलेन पर बढ़ गए हादसे
नेशनलहाइवे 8 पर गोमती-ब्यावर फोरलेन निर्माण का काम दो साल से अटका हुआ है। जब से गोमती-उदयपुर शुरु हुई तब से इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में संकरे अधूरे रोड पर सड़क हादसे बढ़ गए हैं। आए दिन सड़क दुर्घटनाओं के कारण लोगों की जान चली जाती है। इसके चलते जिला प्रमुख प्रवेश कुमार ने दो साल से अटके गोमती-ब्यावर फोरलेन का निर्माण कराने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को पत्र भेजकर अधूरे काम को शुरू करवाने की मांग की है।
जिला प्रमुख ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जयपुर की ओर से नेशनल हाइवे 8 पर दो साल पूर्व गोमती ब्यावर तक फोरलेन निर्माण की कार्यादेश कर दिए गए थे। इसके बाद कुछ जगह समतलीकरण, खुदाई के अलावा सारा कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। दूसरी तरफ उदयपुर-गोमती तक फोरलेन का निर्माण पूरा हो चुका है। जिससे उदयपुर की ओर से ट्रैफिक इसी हाइवे पर डायवर्ट हो गया है, इसके चलते गोमती से ब्यावर तक ट्रैफिक के मुकाबले संकरे मेगा हाइवे पर सड़क दुर्घटनाएं काफी बढ़ गई है। वाहन चालकों के साथ ही क्षेत्रवासियों को भी अधूरे पड़े काम के कारण हादसों में लोगों के मरने से खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। जिला प्रमुख ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मांग कि है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जयपुर की ओर से कार्यादेश के बावजूद ठेकेदार कार्य तय समयावधि को ध्यान में रखते हुए नहीं कराया जा रहा है। साथ ही विभाग की ओर से भी कोई मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। इसके बारे में कई बार हाइवे ऑथोरिटी उदयपुर के निदेशक से भी वार्ता की चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और अधूरे फोरलेन कार्य को पूर्ण किए जाने के लिए निर्देशित कराने की मांग की है।
डेंजरजोन है गोमती से ब्यावर रूट
जिलेमें सर्वाधिक सड़क हादसे गोमती से ब्यावर मार्ग पर ही होते है। इस रूट देवगढ़ के सांगावास, विजयपुरा,आसण मोड, कामलीघाट, दिवेर, भीम में छापली घाटा,आंवलसारा का घाटा, बाला चाराट, टोगी मोड डेंजर जोन है। इन जगह पर आए दिन सड़क हादसे होते हैं।