पाली. देसूरी. तहसील क्षेत्र में स्थित जल संसाधन विभाग के नौ बांधों में से दो बांध ओवरफ्लो हो गए तथा तीन बांधों में पानी की आवक जारी है। चार बांधों में पानी की आवक बंद हो होने से उनका जलस्तर नहीं बढ़ने से किसान मायूस है। इन बांधों में पर्याप्त पानी नहीं आया तो उनको इस बार शायद ही रबी की फसलों के लिए सिंचाई का पानी मिल पाएगा।
उल्लेखनीय है कि देसूरी तहसील क्षेत्र में औसत वर्षा से भी अधिक बरसात होने के बावजूद जल संसाधन पंचायतों के अधीन बांधों में से कई बांध पानी के अभाव में खाली रह गए हैं। क्षेत्र में 1 जून से 15 सितंबर तक औसत वर्षा 638 से अधिक 680 हो चुकी है। उसके बावजूद बांधों में पर्याप्त पानी नहीं आया है, जिसका मुख्य कारण अभयारण्य क्षेत्र में कम बरसात का होना बताया जा रहा है। जब भी अभयारण्य में अच्छी बरसात होती है तो क्षेत्र के सभी बांध लबालब हो जाते हैं।
वर्तमान में जल संसाधन विभाग के दो और पंचायतों के दो बांध ओवरफ्लो चल रहे हैं। जबकि चार बांधों में पानी की आवक बंद हो गई है। तीन बांधों में पानी की आवक होने से उनका जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, जिन बांधों में पानी की आवक बंद हुई, वह चार बांध खेती के लिए बहुत उपयोगी है। इन बांधों से हजारों बीघा भूमि हर वर्ष किसानों द्वारा खेती की जाती है।
चार बांधों में पानी की आवक हुई बंद
जल संसाधन विभाग के मुठाणा बांध में 8.50 फीट, केसूली बांध में 10.70 फीट, जूना मालारी बांध में 5.10 फीट, घोड़धड़ा बांध में, 6.50 फीट पानी की आवक वर्तमान में हो चुकी है। इन बांधोंं में पानी की आवक बंद हो जाने से बांधों का जलस्तर नहीं बढ़ पा रहा है।
इन तीन बांधो में हो रही पानी की आवक
जल संसाधन विभाग के हरिओम सागर बांध में 16.50 फीट, काणा बांध में 17.50 फीट, राजपुरा बांध में 16.50 फीट पानी की आवक हो चुकी है। वर्तमान में हरिओम सागर में मेवाड़ा से नदी, काणा में घाणेराव नदी तथा राजपुरा में पशुराम महादेव नदी के पानी में लगातार आवक हो रही है, जिससे इन बांधों को जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। अगर इसी तरह से इन नदियों में पानी चलता रहा तो यह बांध भी दो सप्ताह में ओवरफ्लो हो जाएंगे।