किसानों ने दो फीट पानी से 3500 बीघा में की सिंचाई
सेलीनालबांध से किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने को लेकर प्रशासन तैयार नहीं था। दो फीट पानी से सिंचाई संभव नहीं था। वहीं पानी मिलता नहीं देख किसान ऊर्जा राज्यमंत्री से मिले और प्रशासन पानी देने को तैयार हो गया। किसानों ने बांध में पर्याप्त पेयजल रखने के लिए एक बीघा भूमि पर एक घंटे पानी देने की रूपरेखा तैयार की सिंचाई के लिए पानी छोड़ दिया। यह किसानों की रूपरेखा उनके लिए सफल रही क्योंकि मात्र दो फीट पानी से बांध की 3500 बीघा भूमि पर सिंचाई हो गई। उल्लेखनीय है कि सेलीनाल बांध के कमांड क्षेत्र के 3500 बीघा भूमि पर बुवाई की गई। फसलों को पानी की सख्त आवश्यकता थी। जबकि बांध में 10.40 फीट पानी था। ऐसे में इसमें 9 फीट पानी आरक्षित रखना था। किसानों के पास मात्र 1.40 फीट ही पानी था, जो किसानों के लिए पर्याप्त नहीं था। शेष|पेज14
वहींजलदाय विभाग अपने आरक्षित पानी में से पानी देने का तैयार नहीं था। किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल ऊर्जा राज्यमंत्री पुष्पेंद्रसिंह राणावत से 30 जनवरी को घाणेराव में मिला। उन्होंने बांध से 3.40 फीट पानी देने की मांग की। इस पर ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों काे पानी देने के निर्देश दिए। वहीं जल वितरण कमेटी की बैठक में निर्णय लिया कि प्रत्येक किसान को एक घंटे बीघा भूमि पर एक घंटे पानी देने का निर्णय लिया। जल वितरण कमेटी की योजना का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि पानी का इस बार दुरूपयोग नहीं हुआ, जिसके कारण दो फीट पानी से 3500 बीघा भूमि पर सिंचाई कर दी। जिससे कोई भी किसान पानी से वंचित नहीं रह पाया। इतना ही नहीं बांध में पेयजल के लिए 6.40 फीट पानी आरक्षित रह गया है।
किसानों ने पानी का किया सदुपयोग
^जलवितरण कमेटी द्वारा शुरू की गई एक बीघा भूमि पर एक घंटे पानी की योजना के तहत किसानों ने पानी का सदुपयोग करने मात्र से दो फीट पानी से सिंचाई हो गई और डेढ़ फीट पानी का बचाव कर दिया,जो गत वर्ष भी से भी अधिक पानी इस बार बांध में बचा है। -बाबूलालमाली, अध्यक्ष जल वितरण कमेटी, सेलीनाल बांध
पानी से किसान नहीं रहे वंचित
सेलीनालबांध में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं होने से एक घंटे में एक बीघा भूमि पर सिंचाई करने की रूपरेखा तैयार कर सिंचाई शुरू कर दी। जिससे कमांड में एक भी किसान पानी से वंचित नहीं रह पाया और सभी किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल गया।
एक बीघा में एक घंटे पानी की योजना सफल
जलवितरण कमेटी सेलीनाल बांध द्वारा बांध में पानी कम होने के कारण इस बार एक बीघा एक घंटे पानी की योजना लागू शुरू की, जिसके कारण बांध के कमांड क्षेत्र की 3500 बीघा भूमि पर सिंचाई हो गई, जिससे जल वितरण कमेटी की यह योजना सफल हो गई।
देसूरी. सेलीलाल बांध में पेयजल के लिए बचा पानी।