पंचायतों में शुरू होगी वीसी सुविधा
हारे प्रत्याशियों के घरों में शौचालयों की होगी जांच
पंचायतीराजचुनाव जीतने वाले जनप्रतिनिधियों के साथ अब हार चुके प्रत्याशियों के भी घरों में शौचालयों की जांच होगी। इसके लिए पंचायतराज विभाग ने जांच के लिए एसडीएम बीडीओ को अधिकृत किया है। इससे प्रत्याशियों के घरों में बने शौचालयों का सत्यापन होगा। इसके लिए एसडीएम बीडीओ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जांच एसडीएम बीडीओ स्वयं या फिर मनरेगा जेईएन, पंचायत सचिव पटवारी से भी करवा सकते हैं।
फरवरी माह में जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच तथा वार्ड पंच पदों के लिए चुनाव हो चुके हैं। इन सभी के परिणाम आने के बाद विभाग ने सभी विजयी सरपंच वार्ड पंचों के अतिरिक्त जिप पंस सदस्यों के प्रत्याशियों के शौचालय होने तथा परिजनों के उपयोग की रिपोर्ट मांगी है।
शासनने जांच के आदेश दिए
^पंचायतचुनाव के दौरान चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने शौचालय बनाने के शपथ पत्र दिए थे। इस संबन्ध में जयपुर से शौचालयों की जांच करने के आदेश मिले हैं। जिनकी एक दो दिन में जांच शुरू कर दी जाएगी।
कमलराजमीणा, सीईओ जिला परिषद
शौचालय बनाने का दिया था शपथ पत्र
पंचायतीराजविभाग ने चुनाव लड़ने वाले सभी सरपंच, वार्ड पंच, जिला परिषद पंचायत समिति सदस्यों के उम्मीदवारों से नोमिनेशन फॉर्म भरते समय अपने घरों में शौचालय होने तथा परिवार के लोगों द्वारा इसका उपयोग करने की अनिवार्यता का नियम रखा था। इसके चलते सभी प्रत्याशियों ने शपथ पत्र चुनाव आयोग के रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) को पेश किया था, लेकिन नोमिनेशन आवेदन करते समय तिगरिया, जिले की कुछ पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में शौचालय नहीं होने की शिकायतें आई थी। उस समय कुछ लोगों ने आनन-फानन शौचालयों का निर्माण रातोरात कर औपचारिकता कर ली और वर्तमान में भी कई जीते हुए प्रत्याशियों के निर्माण जारी अधूरे पड़े हैं।
अभी तक अपडेट नहीं हो सकी वेबसाइट
चुनावपरिणाम आए चार दिन हो चुके हैं। लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग की बेवसाइट पर अभी तक परिणाम संबंधी सूचनाएं अपडेट नहीं हो सकी है। धौलपुर में जिप सदस्य, पंचायत समिति सदस्य के परिणाम की सूचनाएं अधूरी डाली गई हैं।
यह होगा फायदा
ग्रामपंचायत मुख्यालयों पर सूचना संकलन एवं प्रेषण की व्यवस्था अभी तक कमजोर थी। सूचनाओं के आदान प्रदान में वक्त लगता था। सरपंच एवं सचिव से बात करने के लिए अधिकारियों को मीटिंग बुलानी पड़ती थी। वीसी की सुविधा प्रारंभ होने से सीधे और तत्काल संपर्क किया जा सकेगा। फैसले जल्दी लिए जा सकेंगे। इससे विकास योजनाओं की प्रगति में तेजी आएगी।