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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले कार्यालय
स्थानीयदेवस्थान विभाग के निरीक्षक कार्यालय से इन दिनों अक्सर ताला लगा रहता है। जिससे मंदिर के पंडा पुजारी भोगराग की राशि सहित अन्य कार्यो के लिए कार्यालय के चक्कर काट-काट कर परेशान हो रहे हैं। हालांकि वर्तमान मैं यह कार्यालय केवल चतुर्थ श्रेणी के हवाले है। जिस कारण किसी का कोई कार्य होना मुश्किल है।
जानकारी के मुताबिक कार्यालय निरीक्षक विगत करीब 3 माह पूर्व सेवानिवृत हो चुके हैं। जिन्होंने अपना चार्ज वरिष्ठ लिपिक जलसिंह फौजदार को सौंप दिया। कुछ दिन पूर्व तानाशाह वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय समस्याओं को नजरअंदाज करते हुए फौजदार का मुख्यालय भरतपुर कर दिया। तभी से ये कार्यालय चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हबाले हैं। जिस कारण अक्सर कार्यालय बंद रहता है। गुरूवार को भी कार्यालय से ताला लगा मिला। यहां कई सरकारी मंदिर हैं। जिनको विभाग की ओर से भोगराग राशि दी जाती है। इसके अलावा अन्य समस्याओं को लेकर मंदिरों के पुजारी पंडे कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। जहां कार्यालय बंद मिलता है और खुला भी होता है तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी किसी भी कार्य को करने में असमर्थता व्यक्त कर देता है। इसके साथ ही कई मंदिरों के मामले कोर्ट में विचाराधीन है। जिस कारण भी परेशानी रही है। लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों की तानाशाही का आलम ये है कि उनका ध्यान मुख्यमंत्री के गृह जिले की तरफ भी नहीं है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि अन्य जिलों में क्या स्थिति होगीω
धौलपुर. देवस्थान विभाग के कार्यालय पर लगा ताला।