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उतरती ठंड के साथ जिला अस्पताल में शिशु रोगी बढ़े
तापमान में उतार चढ़ाव छोटे बच्चों पर भारी पड़ रहा है। मौसम के मिजाज के बदलने से बच्चे सर्दी जनित बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। सामान्य चिकित्सालय में प्रतिदिन बीमार बच्चों की संख्या लगभग 100-150 होती है, लेकिन बदलते मौसम से शनिवार को अस्पताल में बीमार बच्चों की ओपीडी संख्या 400 तक पहुंच गई है। वार्ड भी फुल हैं।
दिन में डॉक्टर कक्ष के आगे छोटे बच्चों को दिखाने पर्चा बनवाने के लिए मरीजों परिजनों की कतार लगी रही हैं। दिन में तेज धूप और रात में सर्दी पड़ने से चिकित्सालय में खांसी, जुकाम, बुखार, निमोनिया आदि रोगों से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं निजी अस्पतालों में भी छोटे बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। सामान्य अस्पताल के बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ धर्मसिंह मैनावत ने बताया कि बदलते मौसम के कारण अस्पताल में बीमार बच्चों की ओपीडी बढ़ी है। बच्चे वायरल, जुकाम, दस्त उल्टी की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। इससे बच्चों के रोजाना कपड़े बदलें, भीड़ भाड़ वाले इलाकों में नहीं ले जाएं। फास्ट फूड से बचें, पौष्टिक आहार खिलाएं। निजी हॉस्पिटल के बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ निखिल अग्रवाल के अनुसार उतरती ठंड में बच्चों की विशेष सावधानी करनी चाहिए। तापमान में उतार चढ़ाव के दौरान बच्चे जल्दी बीमारियों की चपेट में रहे हैं।
इमरजेंसी के बाहर गंदा पानी एकत्र होने से पनप रहे मच्छर
डॉमंगलसिंह सामान्य अस्पताल के इमरजेंसी के बाहर गंदे पानी के लिए नाली नहीं बनने से बाहर ही पानी जमा हो रहा है। इससे वहां मच्छर पनप रहे हैं। जबकि अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर बेहद साफ सफाई की आवश्यकता है। लेकिन इमरजेंसी ब्लॉक के पानी बहकर बाहर एकत्रित होकर बीमारियों को न्यौता दे रहा है। जिससे बीमारी से छुटकारा पाने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को बीमारी बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
धौलपुर. इमरजेंसी के बाहर जमा गंदा पानी।
धौलपुर. सामान्य अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर बच्चों को दिखाने के लिए लगी परिजनों की कतार।