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सरकार की साख को चंबल प्रोजेक्ट से बट्टा
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि चंबल-धौलपुर-भरतपुर पेयजल परियोजना के काम में धीमी गति से सरकार की साख को बट्टा लगा है।
वर्ष 2000 से शुरू हुई इस परियोजना में 14 साल में 14 गांवों को भी पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है। अब हद पार हो गई है। इसमें लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री माहेश्वरी ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जो संवेदक काम नहीं कर पा रहे हैं उन्हें ब्लेक लिस्टेड करो और नए सिरे से काम को तेजी से पूरा करो। उन्होंने परियोजना के प्रथम चरण में तहसील रूपवास , कुम्हेर, डीग, नगर, कामां पहाड़ी के समस्त कस्बों ग्रामों की मांग पर पेयजल उपलब्ध 14 साल में भी उपलब्ध नहीं करा पाने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि योजना की क्रियान्विति के लिए सरकार के पास पैसा की कोई कमी नहीं हैं।
चंबल प्रोजेक्ट में देरी के लिए उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का काम कांग्रेस की सरकार के समय शुरू हुआ था। जिन फर्मों ने टेंडर ले रखा है वे पूरी तरह फेल हो गई हैं। उनके पास पैसा नहीं है। संवेदक तो काम को पूरा कर पा रहे हैँ और ही काम को छोड़ना चाहते, यही बजह है कि काम अधर में अटका पड़ा है। निविदा शर्तों के नियमानुसार संवेदकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब नए सिरे से परियोजना को पूरा कराया जाएगा।