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पीडब्ल्यूडी का बदलेगा सिस्टम, अब एक ही कंपनी के जिम्मे हाेंगी सड़कें
सार्वजनिकनिर्माण विभाग की सड़कों के रखरखाव मरम्मत की कमान अब एक ही निजी कंपनी के हाथों होगी। आउटपुट परफॉरमेंस आधारित सड़क योजना (आेपीआरसी) के तहत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर धौलपुर अलवर जिले में इसकी शुरुआत होगी। इसमें एक ही कंपनी को आठ साल के लिए सड़कों के रखरखाव मरम्मत का ठेका दिया जाएगा। बजट में घोषित होने के बाद इस योजना की रूपरेखा अलवर के इंजीनियरों ने तैयार की है।
इस योजना के एक अप्रैल से काम शुरू होने की संभावना है। जयपुर मुख्यालय में इसके टेंडर 12 मार्च को खोले जाएंगे। इसके लिए बड़ी कंपनियों का चयन राज्य स्तर पर किया गया है। वे ही ठेका प्रक्रिया में भागीदारी कर रही हैं। आठ साल में दोनों जिलों में कुल 5874.81 किलोमीटर के रखरखाव पर राज्य सरकार ने 2371.73 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
8
साल तक मरम्मत का ठेका दिया जाएगा
12
मार्च को जयपुर में खोले जाएंगे टेंडर
5874.81
किमी सड़कों का दोनों जिलों होगा रखरखाव
2371.73
करोड़ रुपए सरकार ने किए स्वीकृत
धौलपुर. धौलपुर-ग्वालियर हाईवे से होकर गुजरते वाहन।
अन्य क्षेत्र में काम नहीं
ठेकालेने वाली कंपनी पंस, पंचायत, नप, नपा यूआईटी के क्षेत्र के आने वाले सड़कों पर काम नहीं कराएगी। सिर्फ पीडब्ल्यूडी की उन सड़कों पर ही काम करेंगी जहां सड़क बनी हुई है।
क्या होगा फायदा
सड़कोंकी मरम्मत वहां फिर से नई सड़क बनवाने के लिए अब बार-बार टेंडर नहीं होगा। ऐसे में हर बार टेंडर आदि में लगने वाला समय बचेगा। एक ही टेंडर होने से बार-बार अलग टेंडर की तुलना में कम खर्चा आएगा। जवाबदेही सीधे तौर पर एक ही कंपनी की हो जाएगी।
>राज्य राजमार्ग 513.10
> मुख्य जिला मार्ग 257.40
> अन्य जिला सड़कें 528.35
> ग्रामीण सड़कें 3916.62
(सड़क की लंबाई किमी में)
ऐसे बदलेगा काम का तरीका
^ओपीआरसी के तहत सड़कों का रखरखाव अब निजी कंपनी के हाथों में होगा। उसे सड़कों को मानकों के अनुसार ठीक रखना होगा। इस बारे में उच्च स्तर पर फैसला किया गया है। ठेका भी उच्च स्तर पर दिया गया है। कंपनी सड़कों को ठीक रखेगी तभी उसे पैसा मिलेगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी लगातार निरीक्षण करेंगे। सुनीलकुमार गुप्ता, एसई, पीडब्ल्यूडी