इस बार नवरात्र का हर दिन खास रहेगा
धौलपुर. आठदिन के इस नवरात्र में हर दिन खास संयोग बन रहे है। शक्ति और भक्ति के इस पर्व में कई दुर्लभ संयोग भी जुड़ रहे है। पंडितों के अनुसार नवरात्र का पहला ही दिन हस्त नक्षत्र, ब्रह्म योग में घटस्थापना के साथ शुरू हुआ है। इसके बाद आठ दिन तक सर्वार्थसिद्धि, आयुष्मान, सौभाग्य, ब्रह्म, शोभन और गजकेसरी योग जैसे दुर्लभ संयोग बन रहे है। यह सभी योग श्रेष्ठ हैं।
नवरात्र में देवी दुर्गा का आशीर्वाद तो मिलेगा ही, खरीदारी के लिए भी श्रेष्ठ मुहुर्त होने की वजह से लक्ष्मी की भी कृपा बरसेगी। पंडितों के मुताबिक कई वर्ष के बाद एक साथ सभी दुर्लभ संयोग एक साथ नवरात्र में जुड़ रहे है। यह जुड़ाव अाम जन के रोजी राेजगार के साथ व्यापार, व्यवसाय के लिए श्रेष्ठ संकेत दे रहा है।
महाष्टमी एवं नवमी भी खास
पंडितोंके मुताबिक 2 अक्टूबर को महाष्टमी दोपहर 12.07 बजे तक है। यह मूल नक्षत्र युक्त है। साथ में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र भी है। इसके बाद महानवमी शुरू होगी। महागौरी-सिद्धि दात्री का पूजन एक साथ होगा। रात 9.52 बजे उत्तराषाढ़ा नक्षत्र भी शुरू हो जाएगा। इस तरह से इन तीनों में महाष्टमी-महानवमी का पूजन होगा, यह त्रैलोक्य दुर्लभ संयोग बन रहा है। महंत श्रीकृष्ण दास के मुताबिक 26 सितंबर शुक्रवार को सुबह 8.33 बजे से तुला का चंद्रमा शुरू हो गया। यह 28 सितंबर को शाम 5.22 बजे तक रहेगा। इस तरह इधर तीन दिनों तक गजकेसरी का संयोग रहेगा।
यूं समझें संयाेग
सर्वार्थसिद्धि: हरकार्य को सिद्ध करने वाला।
गजकेसरी:कार्यमें स्थायी त्व प्रदान करने वाला।
शोभन: सभीकार्य के लिए शुभ।
सौभाग्य: सुख-समृद्धिप्रदान करने वाला।
ब्रह्म: कार्यमें शुभ स्थायी त्व प्रदान करता है।
आयुष्मान: आयु,आरोग्य, ऐश्वर्य की वृद्धि करता है।
किस दिन कौन सा संयोग
{26सितंबर (द्वितीया) गजकेसरी योग।
{27 सितंबर (तृतीया) सर्वार्थ सिद्धि।
{28 सितंबर (चतुर्थी) गजकेसरी। विनायक चतुर्थी।
{29 सितंबर (पंचमी) ललिता पंचमी, सर्वार्थ सिद्धि।
{30 सितंबर (षष्ठी) आयुष्मान।
{1 अक्टूबर (सप्तमी) सौभाग्य।
{2 अक्टूबर (महाष्टमी-महानवमी) शोभन
{3 अक्टूबर (महानवमी-दशहरा) सर्वार्थ सिद्धि,अबूझ मुहूर्त।