स्काउट के मंडल अधिवेशन में हंगामा
स्काउटगाइड के पांचवें मंडल स्तरीय अधिवेशन में सोमवार को जूनियर अफसरों को मंच पर बैठाने और बजट में घोटाले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। अफसरों के बीच कहासुनी हो गई और अफसरों को उलझते देख संभागियों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद कुछ अफसरों ने समझाइश की तो मामला कुछ शांत हुआ। इसके बाद साधारण सभा की बैठक में संभाग में स्काउट के लिए एक करोड़ 10 लाख रुपए का बजट पारित किया गया।
राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड मंडल मुख्यालय भरतपुर की ओर से मंडल स्तरीय अधिवेशन सौंख रोड स्थित मुरली प्लाजा में आयोजित किया गया था। इसमें भरतपुर के अलावा धौलपुर, करौली सवाईमाधोपुर के प्रभारी कमिश्नर सचिव हिस्सा लेने पहुंचे थे। आरोप था कि कार्यक्रम में आयोजकों की ओर से मंच पर जूनियर अफसरों को बैठा दिया गया। इसी बात को लेकर काफी देर तक संभागियों आयोजकों के बीच कहासुनी होती रही। मामला उलझता गया तो कुछ संभागियों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर हंगामा कर दिया। इस बीच अधिकारी भी एक दूसरे से उलझ गए। मामला बिगड़ता देख उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा सियाराम फौजदार ने नियमानुसार सम्मान के साथ अफसरों को उचित स्थान पर बैठाने की बात कही। इसके बाद जिलास्तर के अधिकारियों को मंच पर बैठाया गया। कार्यक्रम में मंडल चीफ कमिश्नर डॉ.गोपालराम स्वामी, मंडल प्रधान गोविंद सिंह, सहायक स्टेट कमिश्नर आलोक शर्मा, प्रदीप शर्मा, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा रामस्वरूप वर्मा, डीईओ माध्यमिक शिक्षा बृजेंद्रसिंह कौंतेय, डीईओ प्रारंभिक शिक्षा कुसुमलता वर्मा, उप प्रधान माणिकचंद अग्रवाल, उपप्रधान सोमदत शर्मा, मोहन सिंह चौधरी, कुंवर सेन शर्मा के अलावा चारों जिलों के स्काउट प्रभारी आिद शामिल हुए।
पुस्तिका प्रकाशन पर भी विवाद
राजस्थानराज्य भारत स्काउट एवं गाइड मंडल ने स्काउट से संबंधित एक पुस्तिका का प्रकाशन भी कराया गया था। इसको लेकर साधारण सभा में विवाद हो गया। उप प्रधान माणिकचंद अग्रवाल के अलावा सहायक स्टेट कमिश्नर आजीवन सदस्यों के नाम पुस्तिका में नहीं होने पर विरोध व्यक्त किया गया।
जितना आया, उतना ही खर्च, जांच का निर्णय
साधारणसभा में सवाईमाधोपुर में लगे अंधता निवारण शिविर पर 57 हजार रुपए, स्काउट गाइड शिविर के अलावा अभिरुचि शिविर पर 70 हजार रुपए का खर्च बताया गया। सदस्यों ने ऑडिट रिपोर्ट देखने के बाद इ