अब तक आरक्षित सीटों का उपयोग सही नहीं
महिलाओं को बसों में सीट दिलाने में मदद करेंगे कर्मी
बस में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर नहीं बैठ सकेगा अन्य यात्री
ज्योतिलवानिया| धौलपुर
बसोंमें आरक्षित महिलाओं की सीट पर अब महिलाओं को ही बैठाया जाएगा। धौलपुर डिपो के कंडक्टर चालकों ने यह पहल शुरु की है। अब तक यात्रियों को लाइन के हिसाब से टिकट सीट नंबर दिए जाते थे, लेकिन अब लाइन में चाहे पुरुष आगे खड़े हो जो सीट महिलाओं की है वह सीट महिलाओं को ही दी जाएगी। कोई जबरदस्ती महिलाओं की सीट पर बैठता तो है तो कर्मचारी उन्हें सीट से उठाएंगे। इस पहल से महिलाओं के लिए सफर आरामदायक होगा।
धौलपुर डिपो से प्रतिदिन लगभग सैकड़ों बीएड कॉलेज की छात्राएं कस्बों से आकर या शहर से कस्बों के आस पास स्थित कॉलेजों में पढ़ने जाती हैं। महिला यात्री भी सफर करती हैं। बस जाने से पहले बस स्टैंड पर ही यात्रियों को टिकट लेना होगा। इस दौरान महिला सीट का नंबर और पुरुषों को पुरुषों वाली सीट का नंबर दिया जाएगा। फिर भी कोई पुरुष लापरवाही करता है तो डिपो कर्मचारी एक बार बस में चढ़कर सभी सीटेंं चैक करेंगे।
बसों में छात्राओं को मिलेगी सहूलियत
बसोंके संचालन में लगे शिवदयाल शर्मा ने बताया कि हर एक बस में महिलाओं छात्राओं को उनकी सीट दिलाने के लिए कर्मचारी नजर बनाए रखेंगे। इसके लिए महिला यात्रियों को भी इसकी जानकारी रोडवेज कर्मचारी के पास डिपो बुकिंग सेंटर पर देनी होगी। कोई पुरुष महिला सीट पर बैठता मिलता है तो कर्मचारी खुद उसे उठाएगा और आरक्षित सीट महिला को उपलब्ध कराई जाएगी। फिर भी कोई आनाकानी करता है तो पुलिस बुलाकर कार्रवाई की जाएगी।
अब तक यह होता आया है कि काउंटर पर बुकिंग संचालक बिना आरक्षित सीट नंबर के टिकट काट देते हैं। इस दौरान पहले से ही महिला आरक्षित सीट पर पुरुष आकर बैठकर टस से मस भी नहीं होते हैं। ऐसे में महिला लड़कियों को खड़े होकर ही सफर करना पड़ता है। अगर टिकट काउंटर से ही महिला सीट को टिकट मिलती है तो काफी हद तक महिला यात्रियों को आरामदायक सफर करने को मिलेगा। डिपो की बस में सफर कर रहे विकलांग अशोक कुमार ने बताया कि कई बार भीड़ ज्यादा होने के कारण महिलाओं लड़कियों को सीट नहीं मिल पाती। मैं भी ज्यादातर समय खड़े होकर ही सफर करते है। विकलांग सीट पर कोई भी बैठकर सफर करता देखा जाता है।
रोडवेज बस में कौन सी सीट किसके लिए
रोडवेजबस में