- Hindi News
- शेरगढ़ किले के पास डाले जा रहे हैं मृत पशु, सैलानी परेशान
शेरगढ़ किले के पास डाले जा रहे हैं मृत पशु, सैलानी परेशान
धौलपुर. चम्बलके बीहड़ो में स्थित ऐतिहासिक शेरगढ़ किले के पास मृत पशु डाले जा रहे हैं। जिससे यहां आने वाले भक्तों में रोष है। इसके अलाबा यहां आने वाले बाहरी पर्यटक भी गंदगी देखकर अच्छा संदेश लेकर नहीं जाते हैं। उल्लेखनीय है कि शेरगढ़ किला 1532 इस्वी को जोधपुर के राजा मालदेव ने बनवाया था। जिसे देखने पर्यटक आते हैं। इसके अलाबा इस किले में तत्कालीन समय का बना हुआ हनुमान जी का प्राचीन मंदिर भी है। जहां हर मंगलवार शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं।
मंदिर के वंश परंपरागत पुजारी दीपक अवस्थी ने बताया कि किले को आने वाले रास्ते में अज्ञात लोग मृत पशुओं को डाल जाते हैं। जिन्हें जंगली जानवर खाकर क्षत विक्षत कर जाते हैं। जिससे रास्ते में गंदगी हो जाती है। जिस कारण मंदिर पर दर्शन करने वाले लोगों को परेशानी होती हैं। कई भक्त तो रास्ते में गंदगी मिलने के बाद खुद को अपवित्र समझकर मंदिर के बाहर से ही दर्शन कर लेते हैं। इसके अलाबा बीहड़ों के बीच में स्थित शेरगढ़ किले के मनोहारी दृश्य को देखने के लिए यहां देशी विदेशी पर्यटक भी आते हैं। जो किले से पहले ही रास्ते में गंदगी देखकर कई बार तो यहां से वापस चले जाते हैं और जो जाते हैं वे अच्छा संदेश लेकर नहीं जाते तथा दुबारा यहां नहीं आते हैं। मंगलवार को भी रास्ते में मृत पशु का क्षत विक्षत अवस्था में शव पड़ा होने से भक्तों को भारी परेशानी हुई। ये मृत पशु नगरपालिका की ओर से डलबाए जा रहे हैं या कोई व्यक्ति डाल रहा है ये फिलाहल जांच का विषय बना हुआ है। मंदिर के महंत भक्तों ने मृत पशुओं को यहां डालने पर रोक लगाने की मांग प्रशासन से की है। शेरगढ़ किले में मस्जिद भी है। जहां हर रोज लोग माथा टेककर दुआ मांगने आते हैं।